बाराबंकी में अधिकारियों पर भड़के मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, ‘काम में लापरवाही की तो खैर नहीं’

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्रियों के तेवर इन दिनों काफी सख्त नजर आ रहे हैं. ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने अधिकारियों को खुली चेतावनी दे दी है. रविवार को अपने निजी आवास पर जनसुनवाई के दौरान मंत्री जी ने साफ कर दिया कि जनता सर्वोपरि है और जो अधिकारी जनहित के कार्यों में लापरवाही बरतेगा, उसकी खैर नहीं. उक्त बातें मंत्री जी बाराबंकी में जनसुनवाई के दौरान कही.
दरअसल, बाराबंकी के नई सड़क स्थित अपने निजी आवास पर सतीश चंद्र शर्मा जब फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे, तो वहां भारी भीड़ उमड़ी. जमीनी विवाद से लेकर राशन कार्ड और बिजली की समस्याओं तक, मंत्री ने एक-एक कर सबकी शिकायतें सुनीं. इस दौरान उनके तेवर उस वक्त तीखे हो गए जब कुछ लोगों ने सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों के ढुलमुल रवैये की शिकायत की.
मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी
मंत्री सतीश चंद्र शर्मा बोले “देखिए, सरकार जनता के द्वार पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का स्पष्ट निर्देश है कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सुनवाई होनी चाहिए. मैं आज फिर कह रहा हूं- अगर कोई अधिकारी जनता की नहीं सुनेगा, तो वह उस पद पर नहीं रहेगा. अधिकारी कितना भी पहुंच वाला क्यों न हो, अगर जनसुनवाई में लापरवाही हुई तो कार्रवाई तय है.”
मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास
आपको बता दें कि लगातार जनता द्वारा शिकायत की जा रही थी जिस पर मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने केवल चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि मौके पर ही कई अधिकारियों को फोन लगाकर क्लास भी लगाई. उन्होंने कहा कि “पहुंच और रसूख” का दौर बीत चुका है. अब केवल “परफॉर्मेंस” और “पब्लिक सर्विस” ही मायने रखती है.
‘समय-सीमा के भीतर होना चाहिए समाधान’
मंत्री ने साफ किया कि जनता की समस्याओं का समाधान समय सीमा के भीतर होना चाहिए, वरना संबंधित अधिकारी को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. जनता की अनसुनी की, तो अधिकारी की छुट्टी तय मानो उन्होंने कहा रसूखदार अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा. जनसुनवाई में ढिलाई को अनुशासनहीनता माना जाएगा.
आपको बताते चलें कि जनता के बीच पैठ मजबूत करने पर सरकार का जोर है, मंत्री सतीश चंद्र शर्मा का यह बयान राज्य के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचाने के लिए काफी है. यह संदेश सीधा है- योगी सरकार में जनता की शिकायत ही अधिकारी का रिपोर्ट कार्ड तय करेगी. अब देखना यह होगा कि इस चेतावनी के बाद धरातल पर अधिकारियों के व्यवहार में कितना बदलाव आता है.



