हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के दौरान रहेगी कड़ी सुरक्षा, 872 जवानों की तैनाती, ऐसे होंगे इंतजाम

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है. सत्र के दौरान सुरक्षा, कानून व्यवस्था और कार्यवाही के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस शिमला द्वारा गुप्तचर विभाग को सुचारू किया गया. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए हैं.
धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियों के लिए परिसर को किया गया विभाजित
विधानसभा बजट सत्र के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं का समन्वय और संचालन अंजुम आरा, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, दक्षिण खंड शिमला की देखरेख में किया जाएगा. सत्र में संभावित धरना-प्रदर्शन, रैली और अन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्र को चार पुलिस सेक्टरों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक सेक्टर में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिनकी निगरानी में पुलिस बल अपनी ड्यूटी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेगा.
पुलिस उपमहानिरीक्षक दक्षिण खंड शिमला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा सभी तैनात अधिकारियों जवानों को ड्यूटी, सतर्कता और आपात स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत ब्रीफिंग दी गई है.
विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा हेतु 872 जवानों की तैनाती की गई है, जिसमें-
- राजपत्रित अधिकारी- 15
- अराजपत्रित अधिकारी (एनजीओ)- 30
- मुख्य आरक्षी- 66
- आरक्षी- 375
- महिला आरक्षी- 47
- कम्युनिकेशन स्टाफ- 16
- इसके अतिरिक्त 200 होमगार्ड भी जवान तैनात रहेंगे.
QRT, SSU जैसे दलों के कुल 75 प्रशिक्षित कमांडो विभिन्न स्थानों पर तैनात
क्विक रिएक्शन टीम (QRT), विशेष सुरक्षा इकाई (SSU) और अन्य विशेष दलों के कुल 75 प्रशिक्षित कमांडो विभिन्न स्थानों पर सतर्क अवस्था में तैनात रहेंगे. इसके अतिरिक्त खुफिया जानकारी एकत्र करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग की विशेष शाखा (राज्य अन्वेषण विभाग) के कर्मचारी सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे.
शिमला शहर में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए एक राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त 50 पुलिस जवान और 30 होमगार्ड कर्मियों की तैनाती भी की गई है. सत्र के दौरान सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर डिजिटल वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी.
जिला प्रशासन द्वारा शहर को पांच प्रशासनिक सेक्टरों में विभाजित किया गया है. उपायुक्त शिमला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके.



