Azamgarh News: जनआरोग्य मेले का सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मिली लापरवाही स्पष्टीकरण तलब, सख्त कार्रवाई के निर्देश


आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला कार्यक्रम के तहत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, दवा एवं जांच उपलब्धता तथा कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने रविवार को पांच प्राथमिक एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां कुछ केंद्रों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही और बुनियादी कमियां उजागर हुईं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरिहा में एक स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित पाए गए तथा परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। वहीं सजरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक अनुपस्थित मिले। जानकारी दी गई कि उनकी ड्यूटी महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर स्थल पर लगाई गई थी।
सिकरौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की कमी स्पष्ट रूप से सामने आई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अस्पताल तक पहुंचने का मार्ग कच्चा होने से मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए ग्राम प्रधान से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर मार्ग दुरुस्त कराने का आश्वासन लिया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुशलगांव में नए भवन एवं स्टाफ क्वार्टर में पानी की आपूर्ति बाधित पाई गई। पानी की टंकी उपलब्ध होने के बावजूद पाइपलाइन कनेक्शन नहीं था। इस पर कार्यदायी संस्था के जेई और ठेकेदार को दूरभाष के माध्यम से तत्काल कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
लालपुर चितारा स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट दिलीप कुमार पांडे 10 फरवरी से लगातार अनुपस्थित पाए गए, जबकि पूर्व में भी बिना सूचना अनुपस्थिति दर्ज थी। निरीक्षण के दौरान लैब टेक्नीशियन संदीप कुमार प्रजापति भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले।
सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका के फोटो साक्ष्य संकलित किए गए हैं तथा संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सरकार की प्राथमिकता वाला जनकल्याणकारी कार्यक्रम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के अंतर्गत कुल 77 मेले आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 2279 मरीजों का पंजीकरण एवं उपचार किया गया। मेले में मरीजों को निःशुल्क दवा, जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 70 आयुष्मान (गोल्डन) कार्ड बनाए गए तथा श्वसन, गैस्ट्रो, मधुमेह, त्वचा सहित विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर भी किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक जांच, निःशुल्क दवाएं एवं स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



