जोधपुर: कृषि मेले में खाना नहीं मिलने पर भड़के किसान, टेबलें पलटीं, मंत्री की मौजूदगी में बवाल

कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में आयोजित ‘कृषि विज्ञान मेला-2026’ शनिवार को विज्ञान और तकनीक की जगह अव्यवस्थाओं और हंगामे के लिए सुर्खियों में आ गया. प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की मौजूदगी में आयोजित इस मेले में भोजन व्यवस्था चरमरा गई, जिससे दूर-दराज से आए किसान भड़क उठे. भूखे किसानों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि गुस्से में आकर भोजन स्थल पर लगी टेबलें भी पलट दीं.
मेले में हजारों की संख्या में किसान पहुंचे थे. दोपहर के भोजन का समय होते ही अव्यवस्था का आलम यह हो गया कि कतारें टूट गईं और खाना कम पड़ गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किसान चिल्लाते हुए कह रहे हैं, “अगर यहां खाना नहीं है तो साफ बता दीजिए, हम बाहर जाकर खा लेंगे, लेकिन हमें अपमानित मत करो.” देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और आक्रोशित भीड़ ने टेबलों को गिरा दिया. बता दें कि भोजन की जिम्मेदारी इफको (IFFCO) कंपनी को सौंपी गई थी.
रजिस्ट्रार की सफाई: ‘हनुमान’ से ज्यादा भीड़ आई
हंगामे पर सफाई देते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार समुद्र सिंह भाटी ने कहा कि प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी और करीब 2,500 किसानों को भोजन कूपन भी बांटे गए थे. उन्होंने दावा किया कि मेले में अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे थोड़ी अव्यवस्था हुई. रजिस्ट्रार ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो किसी ‘विशेष इरादे’ (Special Intention) से बनाए गए लगते हैं, जबकि वास्तविकता में सबको भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया था.
इफको के इंतजाम नाकाफी
किसानों का आरोप है कि इफको और विश्वविद्यालय प्रशासन ने वीआईपी मेहमानों की आवभगत में तो कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन अन्नदाता को भूखा प्यासा लाइन में खड़ा रखा. हालांकि, पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन यह मेला कृषि नवाचारों से ज्यादा अपनी बदइंतजामी के लिए चर्चा का विषय बन गया है.



