महोबा में बच्चों को मिलावटी दूध पिलाने पर एक्शन, हेड मास्टर सस्पेंड, जांच शुरू

महोबा के प्राथमिक विद्यालय में पानी में दूध मिलाकर बच्चों को देने के मामले अब कार्रवाई अमल में लाई गई है. जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. एसडीएम और बीएसए की संयुक्त टीम ने स्कूल पहुंचकर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें उच्च शिक्षा के साथ पोषण का भरोसा दिलाया है.
दरअसल, पूरा मामला ढिकवाहा गाँव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है, जहां बच्चों को दिए जाने वाले दूध में भारी मात्रा में पानी मिलाया जा रहा था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रसोइया बच्चों के लिए आए दूध में बेखौफ होकर पानी मिलाती नजर आ रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी वहीं पास में खड़ी थीं और उनकी मौजूदगी में ही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ यह खिलवाड़ किया जा रहा था.
‘अधिकारियों की टीम ने किया विद्यालय का निरीक्षण’
इस मामले एम खंड शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह सब प्रधानाध्यापिका की जानकारी में हो रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत कड़े निर्देश जारी किए. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा और सदर एसडीएम की एक संयुक्त टीम ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान टीम ने बच्चों और उनके अभिभावकों से विस्तार से बात की.
प्रधानाध्यापिका सस्पेंड, रसोइया की भूमिका हो रही जांच
बीएसए राहुल मिश्रा ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस प्रकरण में प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही रसोइया की भूमिका की भी जांच की जा रही है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अब उच्च शिक्षा और बेहतर पोषण आहार की कड़ी निगरानी की जाएगी.



