ऋषिकेश: 5 साल में ही जर्जर हुआ ‘जानकी सेतु’, दरारों ने खोली निर्माण की पोल, हरकत में आई सरकार

उत्तराखंड के जनपद टिहरी और जनपद पौड़ी गढ़वाल को जोड़ने वाला जानकी सेतु इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है. पुल की सतह पर उभरी दरारें और गड्ढे अब राहगीरों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं. विभाग की ओर से मरम्मत के तहत गड्ढे भरने का काम जरूर किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है.
मौके पर काम कर रहे सुरेंद्र ठेकेदार ने इसे “छोटे-छोटे गड्ढे” बताते हुए कहा कि इन्हें जल्द भर दिया जाएगा. हालांकि जब एबीपी न्यूज ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो अधिकारी कैमरे के सामने आने से बचते नजर आए.
‘पुल की दरारों पर गंभीरता से नहीं दिया गया ध्यान’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल की दरारों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. उनका कहना है कि करोड़ों की लागत से बने इस महत्वपूर्ण पुल की हालत पांच साल में ही बिगड़ना कई सवाल खड़े करता है. धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अहम इस सेतु से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं, लेकिन अब उनमें डर का माहौल है. लोगों ने मांग की है कि केवल गड्ढे भरने की औपचारिकता नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो.
स्थानीय लोगों को सता रहा पुल के गिरने का डर
वहीं स्थानीय निवासी महंत लोकेश दास ने कहा कि देश में पहले भी कई जगह निर्माणाधीन या नए पुलों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि जब भी वे और अन्य लोग वॉकिंग के लिए पुल से गुजरते हैं, तो कहीं न कहीं यह डर बना रहता है कि पुल सुरक्षित है या नहीं.
ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन दरारें अभी तक पूरी तरह ठीक नहीं की गयी. उन्होंने सरकार और पीडब्ल्यूडी से तत्काल संज्ञान लेने और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है.



