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खरगोन में ऑल इंडिया मुशायरे के दौरान बवाल, स्टेज पर चढ़े 30 दबंग, पत्रकार को गला दबाकर पीटा

मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में 8 फरवरी 2026 को आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा उस वक्त शर्मनाक और भयावह घटना में बदल गया, जब एक सम्मानित पत्रकार और शायर अबूबकर जिया के ऊपर स्टेज पर ही जानलेवा हमला कर दिया गया. आरोप है कि दबंग प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि गला दबाकर हत्या का प्रयास किया और जेब से नकदी और कीमती सामान भी लूट लिया गया.

सम्मान न मिलने से बौखलाए आरोपी की मुशायरा रोकने करी कोशिश

खरगोन के जम-जम मार्केट में 7 फरवरी 2026 को आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में देशभर के नामवर शायर शामिल हुए थे. इसी कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, उन्होंने अपनी शायरी पेश की. जिसके बाद श्रोताओं ने उनकी रचनाओं को खूब सराहा और सम्मान दिया.

करीब रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच अचानक अल्ताफ आजाद, आरिफ केजीएन, आसिफ प्रिंस, रईस भोपाली, मोहसिन जूली, तालिब मंसूरी (तलाई मोहल्ला) सहित 25–30 लोग दादागिरी करते हुए स्टेज पर चढ़ आए. आरोपियों ने शायरा को पढ़ने से रोकते हुए मुशायरा बंद करने की धमकी दी और कहा हमें सम्मान क्यों नहीं दिया, अब मुशायरा नहीं होगा.

पत्रकार-शायर को निशाना बनाकर जान से मारने का किया प्रयास

स्टेज पर बैठे अबूबकर जिया को देखते ही आरोपियों ने मां-बहन की अश्लील गालियां देना शुरू कर दिया. आरोप है कि उन्होंने शायरी को ‘उल्टा-सीधा’ बताकर गला दबाया और कहा तुझे जान से मार देंगे.’ इसके बाद लात-घूंसे बरसाकर मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति भी बना दी गई.

हमले के दौरान आरोपियों ने अबूबकर जिया की जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, सम्मान में मिली पेन और हाथ घड़ी जबरन लूट ली गई. इसके बाद पीड़ित की दाढ़ी नोची गई, अपमानजनक शब्द कहे गए और जान से मारने का भी प्रयास किया गया.

जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने बचाई जान

घटना के दौरान जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ित को भीड़ से छुड़ाया और पीछे के रास्ते से सुरक्षित बाहर भेजा.

इसके बाद पीड़ित पत्रकार-शायर अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर लूट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज और अन्य गंभीर धाराओं में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. शहर के सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह की दबंगई, हिंसा और लूट ने  कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है.

AZMI DESK

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