Jaunpur news:फरियादी को डांटकर भगाने का थानाध्यक्ष पर लगा आरोप, वीडियो वायरल,वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कम्प


चन्दवक, जौनपुर। फरियादी को डांटकर थाने से भागने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है वीडियो के वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वायरल वीडियो थाना चंदवक का बताया जा रहा है वीडियो उस समय का है जब एक फरियादी मारपीट के मामले में सीसीटीवी फुटेज दिखाने पहुंचा था तभी सुनवाई कर रहे थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह वर्दी का रौब दिखाते हुए कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते हुए फरियादी को थाने से भाग जाने की बात कर रहे हैं। वायरल वीडियो 1 मिनट 43 सेकेंड का है। वायरल वीडियो में शिकायत कर रहा युवक अपने को बीरीबारी (रसड़ा) गांव का बता रहा है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने और थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि किसी भी वायरल वीडियो की पुष्टि अखबार नहीं करता है।
साहब, थानाध्यक्ष मेरी हत्या करा सकते हैं
बीरीबारी (रसड़ा) गांव निवासी गीता देवी पत्नी जगजीवन बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को पत्रक सौंपते हुये आरोप लगाया कि विपक्षी मंगलवार की सुबह घर पर चढ़कर गालियां देते हुए पति को मारने—पीटने लगे। बीच—बचाव करने पहुंची पुत्री व पुत्र को मारने के साथ ही पुत्री के कपड़े फाड़कर अश्लील हरकते कर सोने को चैन छीन लिये। इस संबंध में थानाध्यक्ष को अवगत कराने पहुंचे तो थानाध्यक्ष द्वारा गालियां देकर थाने से भगा दिया गया। विपक्षी थानाध्यक्ष को मिलाकर मेरे मकान व सम्पत्ति पर कब्जा करना चाहता है। वहीं थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह द्वारा मेरी हत्या करायी जा सकती है।
क्या है पूरा मामला
बीरीबारी रसड़ा गांव निवासी गीता देवी पत्नी जगजीवन का पड़ोसी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस जमीन पर 6 साल से मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि विवादित जमीन पर आरोपी निर्माण कार्य कर रहे थे। पीड़िता के शिकायत पर पहुंचे लेखपाल और चौकी इंचार्ज ने निर्माण कार्य को रोक दिया। निर्माण कार्य रुकने से गुस्साए पड़ोसियों ने पीड़ित परिवार पर हमला कर दिया। दम्पति और उसके दोनों बच्चों को लाठी, डंडे और ईंट से बुरी तरीके से पीटकर घायल कर दिये। फिलहाल घायल का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।इस बाबत थानाध्यक्ष चन्दवक के सीयूजी नम्बर पर उनसे वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन असफलता मिली।



