राजस्थान: फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, एक साथ हुईं कई गिरफ्तारियां

राजस्थान में फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी के खिलाफ एसओजी ने तीन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पटवार भर्ती परीक्षा 2021 में मूल अभ्यर्थी एवं डमी गिरफ्तार, इसी तरह FMGE परीक्षा पास करने का कूटरचित सर्टिफिकेट देने वाला विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर मुख्य आरोपी सहित दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.इसी प्रकार कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा 2020 पुनः परीक्षा 2021 (12.09.2021) के पेपर लीक प्रकरण में अभियुक्त गिरफ्तार किया गया है.
ADG विशाल बंसल ने बताया कि बताया कि पटवार भर्ती परीक्षा 2021 के सम्बन्ध में एसओजी में दर्ज प्रकरण संख्या 69 दिनांक 21.10.2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादसं तथा 3, 4, 6 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का प्रयोग) अधिनियम 1992 के तहत दर्ज प्रकरण में 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
डमी अभ्यार्थी बैठाकर दिलाई थी परीक्षा
ADG विशाल बंसल ने बताया कि जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी गीतेश ने नीरज कुमार को अपने स्थान पर पटवार भर्ती परीक्षा 2021 में डमी बैठाकर परीक्षा दिलाई थी, जिसके कारण आरोपी गीतेश जादौन ने पटवार के पद पर चयन प्राप्त किया.प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी निरीक्षक सीमा पठान द्वारा कार्यवाही करते हुए नीरज कुमार को दिनांक 05.02.2026 तथा मूल अभ्यर्थी गीतेश जादौन को दिनांक 06.02.2026 को गिरफ्तार किया गया.
उन्होंने कहा कि, दोनों अभियुक्तों से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि वह और किन-किन एग्जाम में डमी के रूप में या मूल अर्थ्यथी के रूप में बैठे हैं. आरोपी गीतेश जादौन वर्तमान में निलम्बित हैं तथा पटवारी, एसडीएम कार्यालय, सीकरी जिला डीग में पदस्थापित था.
FMGE परीक्षा पास का फर्जी सर्टिफिकेट मामलें दो गिरफ्तार
ADG विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने बताया कि Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) की स्क्रीनिंग टेस्ट परीक्षा पास करने के कूटरचित प्रमाण-पत्र अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने के संबंध में दर्ज प्रकरण में एसओजी को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है.
बताया गया कि, इस प्रकरण में पूर्व में विदेश से एमबीबीएस डिग्री प्राप्त डॉक्टर अभियुक्त पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर एवं शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन गिरफ्तारियों के बाद मामले का मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू विदेश फरार हो गया था.टीम द्वारा फरार अभियुक्त की निरंतर तलाश की गई.
आरोपी भानाराम माली गिरफ्तार
अभियुक्त भानाराम माली उर्फ भानू फरारी के दौरान स्वयं को गिरफ्तारी से बचाने के लिए भारत से थाईलैण्ड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान, नेपाल आदि देशों में छिपता रहा. एसओजी टीम के अथक प्रयासों के फलस्वरूप यह सूचना प्राप्त हुई कि अभियुक्त दिनांक 02.02.2026 को दिल्ली पहुंचने वाला है. एसओजी टीम द्वारा अभियुक्त भानाराम माली उर्फ भानू को दिनांक 02.02.2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया. अभियुक्त वर्तमान में दिनांक 07.02.2026 तक पुलिस हिरासत में है.
पैसे लेकर उपलब्ध कराए FMGE का फर्जी सर्टिफिकेट
जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त भानाराम माली उर्फ भानू खुद भी विदेश से MBBS की डिग्री लेकर डॉक्टर है तथा उसने पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर एवं शुभम गुर्जर से रुपये लेकर उन्हें FMGE परीक्षा का कूटरचित स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया, जिसके आधार पर इन अभियुक्तों द्वारा राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप हेतु आवेदन किया गया.
अनुसंधान में यह भी पाया गया कि लगभग 73 ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी किंतु FMGE परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी, उनके लिए भी इसी प्रकार के कूटरचित FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार कराकर RMC में इंटर्नशिप हेतु आवेदन किए गए. इस संबंध में एसओजी में दिनांक 04.02.2026 को पृथक से एक नया प्रकरण 8/2026 पंजीबद्ध किया गया है.
नए दर्ज मामलों के अनुसंधान में अनुसंधान अधिकारी जितेंद्र नवारिया उप अधीक्षक पुलिस को यह तथ्य उजागर हुआ कि अभियुक्त इन्द्रराज सिंह गुर्जर खुद भी विदेश से MBBS की डिग्री लेकर डॉक्टर है तथा उसने कजाकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात् अपने नाम से दिसम्बर-2022 का कूटरचित FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट अभियुक्त भानाराम से रुपये देकर प्राप्त किया.
इसके आधार पर उसने RMC में इंटर्नशिप हेतु ऑनलाइन आवेदन कर राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर से इंटर्नशिप पूर्ण की तथा प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया. इसी संपर्क के माध्यम से अभियुक्त इन्द्रराज सिंह गुर्जर ने अन्य अभ्यर्थियों को भी रुपये लेकर कूटरचित सर्टिफिकेट दिलवाए.अभियुक्त इन्द्रराज सिंह गुर्जर को दौसा से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया है. उसे न्यायालय ने 10 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है.
कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी
विशाल बंसल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी जयपुर ने बताया कि कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा 2020 जो दिसम्बर 2020 में आयोजित हुई थी. पेपर लीक होने के कारण उक्त भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई थी. जिसके सम्बन्ध में अभियोग संख्या 540/2020 थाना सांगानेर में दर्ज हुआ था. उक्त प्रकरण में गिरफ्तार कई आरोपीगण द्वारा यह तथ्य प्रकट किये गये कि 2020 में भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद पुनः दिनांक 12.09. 2021 को कनिष्ठ अभियंता (सिविल) (डिग्री धारक) संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी.
उक्त परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पूर्व ही लीक होकर पेपर माफियाओं के पास पहुंच गया था. इस आधार पर थाना एसओजी पर दिनांक 19.01.2026 को प्रकरण दर्ज किया गया तथा जगदीश विश्नोई को गिरफ्तार किया गया. भूपेन्द्र सारण द्वारा सुरेश कुमार को दिनांक 12.09.2021 को आयोजित कनिष्ठ अभियंता (सिविल) (डिग्री धारक) संयुक्त भर्ती परीक्षा का लीक सॉल्वड पेपर परीक्षा से कुछ समय पूर्व पढाया गया.
भूपेन्द्र सारण द्वारा सुरेश कुमार पुत्र दुर्गाराम जाति बिश्नोई (साऊ) उम्र 29 साल निवासी डेडरिया नाडी, चितलवाना पुलिस थाना चितलवाना जिला जालौर. हाल सहायक अभियन्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, धोरीमन्ना जिला बालोतरा द्वारा दिनांक 12.09.2021 को आयोजित कनिष्ठ अभियंता (सिविल) (डिग्री धारक) संयुक्त भर्ती परीक्षा का पेपर परीक्षा से पूर्व प्राप्त कर अनुचित साधनों से परीक्षा पास करायी गई जिसके चलते सुरेश कुमार उक्त भर्ती परीक्षा में कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर चयनित हुआ. जिसका बाद में प्रमोशन सहायक अभियन्ता के पद पर हो गया.
बताया गया कि दिनांक 13.09.2021 से 15.09.2021 तक उप निरीक्षक पुलिस की भर्ती परीक्षा थी. उससे ठीक पहले उक्त पेपर भी परीक्षा से पहले लीक किया गया. फिलहाल सभी मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है.



