Azamgarh news:RTI की अनदेखी पर बवाल: आजमगढ़ के मेहनगर में ग्राम सचिव पर सूचना छिपाने का आरोप


आजमगढ़ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की खुलेआम अनदेखी का गंभीर मामला आजमगढ़ जनपद के मेहनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बरवासा सागर से सामने आया है। गांव निवासी सुनील यादव पुत्र खख्खन यादव ने ग्राम सभा से संबंधित 07 बिंदुओं की सूचना आरटीआई के तहत मांगी थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के यहां कई बार प्रार्थना पत्र दिया। इस दौरान ग्राम सचिव अतुल कुमार पाण्डेय के खिलाफ पत्राचार भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एक बार ग्राम सचिव का एक माह का वेतन रोके जाने की बात सामने आई, मगर उसके बाद भी न तो सूचना दी गई और न ही स्थायी कार्रवाई की गई।शिकायतकर्ता का कहना है कि अधिकारियों द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि सूचना दे दी गई है, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्हें केवल गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज़ों की छायाप्रति भी संलग्न की है। पीड़ित का दावा है कि ग्राम सचिव अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर सूचना छिपा रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायत में हो रहे कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी साधे जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब आरटीआई जैसे कानून के तहत मांगी गई जानकारी भी नहीं मिल पा रही है, तो आम नागरिकों की सुनवाई कैसे होगी। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम सचिव के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए मांगी गई सभी 07 बिंदुओं की सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, साथ ही ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।



