‘भारत का पेट्रोलियम मिनिस्टर ट्रंप है या हरदीप पुरी’, रूसी तेल पर US प्रेसिडेंट के दावे पर ओवैसी ने पूछा

हैदराबाद से सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर आरएसएस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 6 फरवरी 2026 को अमेरिका ने एक बयान जारी किया है. इसमें बीजेपी और आरएसएस से पूछना चाहता हूं. इसमें लिखा हुआ है कि पैराग्राफ नंबर पांचवें में लिखा है. ट्रंप ये बोल रहे हैं कि डायरेक्टली या इनडायरेक्टली भारत, रूस से तेल लेगा तो ट्रंप फिर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा. भारत का पेट्रोलियम मिनिस्टर ट्रंप है या हरदीप सिंह पुरी है. ट्रंप आपको धमकी दे रहा है. क्या ये भाजपा आरएसएस का राष्ट्रवाद है, ट्रंप वहां बैठ कर हमें धमकी दे रहा है?
ओवैसी ने कहा कि आरएसएस के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप अपनी बीवी से ज्यादा मुझे याद करते हैं. आपको मुझसे मोहब्बत हो सकती है, मुझे नहीं है.
एक दिन पहले भी साधा था निशाना
इससे पहले शुक्रवार को भी एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अब भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा. रूस की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदने को कहा गया है. कथित तौर पर पीएम मोदी इस पर सहमति जताकर आ गए.
उन्होंने भारत की स्ट्रेटजिक ऑटोनॉमी पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि क्या हमें किससे तेल खरीदना है, किससे नहीं यह भी अमेरिका तय करेगा? ओवैसी ने कहा कि मैं संघ और बीजेपी के लोगों से पूछना चाहता हूं कि ट्रंप तय करते हैं कि भारत किससे तेल खरीदेगा.
उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा रूस से तेल मत खरीदो, मोदी ने कहा यस सर. दूसरी तरफ चीन है, जो पाकिस्तान को 80 फीसदी हथियार सप्लाई करता है, फिर भी हमारी सरकार उनके लिए रेड कॉर्पेट बिछाए हुए है.
जनरल नरवणे की किताब को लेकर ओवैसी ने उठाए थे सवाल
इससे पहले पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर भी ओवैसी ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में बताया कि चीनी सेना लद्दाख में आई तो उन्होंने पीएम मोदी से पूछा कि क्या कार्रवाई की जाए. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जो उचित लगे, वह करो. आखिर क्या है, उन्हें कहना चाहिए था. उन्हें पीछे थकेलो.



