राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथी बाड़े में नन्हा गजराज बना आंख का तारा, वन महकमा ऐसे कर रहा केयर

राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथी बाड़े में इन दिनों एक नन्हा मेहमान वन महकमे और पार्क प्रशासन की आंख का तारा बना हुआ है. झुंड से बिछड़ गए इस नन्हे गजराज की खूब देखभाल की जा रही है. धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा नन्हा हाथी अब पूरे परिसर में अठखेलियां करता नजर आ रहा है.
दरअसल, 18 जनवरी को श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी गश्त कर रहे थे, तभी उनको जंगल में हाथी का एक नवजात बच्चा असहाय अवस्था में पड़ा मिला था. अधिकारियों को सूचना दी गई तो अधिकारी और महकमें के डॉक्टर मौके पर पहुंचे और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया गया.
नन्हें गजराज की खूब की जा रही देखभाल
इसके बाद जब हाथी के झुंड के बारे में कुछ पता नहीं लग पाया तो अधिकारियों ने उसे राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में स्थित हाथी बाड़े में रख दिया. जहां उसकी खूब देखभाल हो रही है. इस शावक को बोतल से दूध पिलाने के साथ जरूरी दवाइयां भी दी जा रही हैं.
दूध पीकर हष्ट पुष्ट हो रहा नन्हा हाथी
नन्हा हाथी वन कर्मियों के साथ घुलमिल रहा है और दूध पीकर हष्ट पुष्ट भी हो रहा है. अधिकारियों का कहना है कि उसका बढ़ता वजन उसके स्वस्थ होने की तस्दीक कर रहा है. अब उसके झुंड को खोजने की कवायद की जा रही है ताकि वो नैसर्गिक वातावरण में अपने झुंड के साथ रह सके.
हाथी झुंड में रहते हैं और अमूमन अपने झुंड के किसी भी सदस्य को अकेला नहीं छोड़ते. वन विभाग के अधिकारी भी हैरत में है कि आखिर किन परिस्थितियों में इस नन्हे नर हाथी को उसके झुंड ने छोड़ होगा. अधिकारियों का कहना है कि अगर इस शावक का झुंड नहीं मिलता है तो उसे विभाग के संरक्षण में ही रखा जाएगा.
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