राज्य

लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत 5 विभूतियां सम्मानित

उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का मुख्य कार्यक्रम इस बार लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित हुआ. यह आयोजन तीन दिनों तक चलेगा. आज इस कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की.

इस मौके पर प्रदेश सरकार ने उन लोगों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने काम से उत्तर प्रदेश का नाम देश-विदेश में रोशन किया है. ऐसे पांच खास लोगों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ दिया गया. इस साल जिन लोगों को यह सम्मान मिला वे अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अहम योगदान देने वाले व्यक्तित्व हैं.

सम्मान पाने वालों में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु  शुक्ला, अलख पांडे, डॉ.हरिओम पंवार, रश्मि आर्य शामिल हैं. इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन किया है. मुख्यमंत्री ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की.

शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय जो ISS पहुंचे

उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वालों में लखनऊ के रहने वाले अंतरिक्षयात्री और भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं. शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को अमेरिका के नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए उड़ान भरी और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचे. इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया. वे आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्षयात्री बने.हालांकि अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीयों में वे राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं. 

अलख पांडेय ने प्रतियोगी शिक्षा में बनाया नाम

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाले प्रयागराज के अलख पांडेय को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान दिया गया. अलख पांडेय ने साल 2016 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए. ‘फिजिक्स वाला’ नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया था. बाद में 2020 में इसी नाम से एक ऐप लॉन्च किया गया, जिसने कम खर्च में अच्छी पढ़ाई उपलब्ध कराकर करोड़ों छात्रों की मदद की. साल 2022 में उनकी कंपनी भारत की छठी एडटेक यूनिकॉर्न बनी. आज इस प्लेटफॉर्म से एक करोड़ से ज्यादा छात्र जुड़े हैं और इसके यूट्यूब चैनल पर 10 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. ‘फिजिक्स वाला’ ने पढ़ाई को ज्यादा आसान, सस्ती और सबके लिए सुलभ बनाया है. अलख पांडेय को अब तक एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड, टाइम्स 40 अंडर 40 और एडटेक सीईओ ऑफ द ईयर जैसे कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं.

साहित्यकार हरिओम पंवार भी सम्मानित

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले डॉ. हरिओम पंवार भी इस साल उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान पाने वाली शख्सियत हैं. उनका जन्म बुलंदशहर जिले के बुटना गांव में हुआ था. वे लंबे समय तक मेरठ महाविद्यालय में विधि के प्रोफेसर रहे हैं. डॉ. पंवार अपनी कविताओं के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं. उनकी रचनाएं जैसे ‘काला धन’, ‘घाटी के दिल की धड़कन’, ‘मैं मरते लोकतंत्र का बयान हूं’ और ‘बागी हैं हम, इंकलाब के गीत सुनाते जाएंगे’ समाज को सोचने और जागरूक होने का संदेश देती हैं. उन्हें अब तक निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार समेत कई सम्मान मिल चुके हैं. खास बात यह है कि वे अपनी किताबों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल गरीब बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए करते हैं.

रश्मि आर्य ने महिला सशक्तिकरण पर किया काम

महिला सशक्तिकरण के लिए शानदार काम करने वाली रश्मि आर्य को भी इस साल उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान दिया गया. रश्मि आर्य ने 22 अक्टूबर 2007 को मेरठ के नारंगपुर में श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की शुरुआत की थी. उनका यह गुरुकुल परंपरागत वैदिक संस्कारों और आधुनिक पढ़ाई का बेहतरीन मेल है. यहां बच्चियों को संस्कृत, वैदिक शिक्षा, हवन और संगीत के साथ-साथ अंग्रेज़ी बोलना और कंप्यूटर चलाना भी सिखाया जाता है. गुरुकुल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं, गीता और अष्टाध्यायी प्रतियोगिताओं, योग, धनुर्विद्या और जंप रोप जैसी गतिविधियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. फिलहाल इस गुरुकुल में 600 से ज्यादा जरूरतमंद बच्चियों को पूरी तरह मुफ़्त शिक्षा दी जा रही है.

कृषि क्षेत्र में डॉ सुधांशु  सिंह सम्मानित 

कृषि के क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए वाराणसी के डॉ. सुधांशु सिंह को इस साल उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान दिया गया. डॉ. सुधांशु सिंह ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से कृषि में पढ़ाई की और स्वर्ण पदक हासिल किया.  इसके बाद उन्होंने फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री ली.बाढ़ में भी उगने वाली सब-1 चावल की किस्म पर उनके शोध ने उन्हें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई. फिलहाल वे आईएसएआरसी, वाराणसी के निदेशक हैं.

अपने 29 साल के अनुभव में वे वर्ल्ड बैंक, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) और यूएसएआईडी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके काम ने टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान संस्कृति विभाग की ओर से उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने कला, कृषि, विज्ञान, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता, खेल और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन काम कर प्रदेश का नाम रोशन किया है.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!