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गैस कनेक्शन अनब्लॉक करने का बोलकर साइबर अपराधियों ने ऐसे लगाई सेंध, मोबाइल से उड़ा भगे इतने लाख रुपये

Mumbai News: मुंबई और उपनगरों में “Mahanagar Gas Limited” के नाम पर APK फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में साइबर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

पीड़ित उपेंद्र नारायण मुर्कुर (64) को 17 मार्च 2025 को शाम के समय अज्ञात मोबाइल नंबरों से मैसेज और कॉल प्राप्त हुए, जिसमें गैस कनेक्शन बंद करने की बात कही गई. खुद को MGL कंपनी का अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने “MGL GAS UNBLOCK FILE.apk” नाम की फर्जी APK फाइल व्हाट्सएप पर भेजी और कनेक्शन अनब्लॉक करने के नाम पर प्रोसेस पूरा करने को कहा.

पीड़ित ने जैसे ही फाइल डाउनलोड कर उसमें अपनी बैंक डिटेल्स भरी, आरोपियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते से करीब 2.30 लाख रुपये निकाल लिए. इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने एबीपी न्यूज के साथ साझा की जानकारी

सायबर सेल के डीसीपी पुरषोत्तम कराड ने ABP न्यूज़ से बातचीत की और बताया कि,” इस मामले में 9 अप्रैल 2026 को साइबर पुलिस स्टेशन, पश्चिम विभाग मुंबई में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान HQ साइबर लैब के अधिकारियों ने APK फाइल का तकनीकी विश्लेषण कर इसके क्रिएटर तक पहुंच बनाई. मोबाइल नंबर, IMEI, IPDR और जीमेल आईडी के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान की गई.,”

कराड ने आगे बताया कि,” मुख्य आरोपी आरिफ अंसारी (28), निवासी गिरिडीह, झारखंड की तलाश में पुलिस टीम पहले भी झारखंड गई थी, लेकिन वह फरार मिला. बाद में तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर 20 अप्रैल 2026 को उसके सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में होने की जानकारी मिली.,”

कराड ने बताया कि,” इसके बाद पुलिस टीम सिलीगुड़ी पहुंची और लगातार निगरानी रखी. 22 अप्रैल 2026 की सुबह आरोपी को बिहार के किशनगंज में RPF की मदद से ट्रेन में गिरफ्तार कर लिया गया.,”

पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त किए मोबाइल

गिरफ्तार अन्य आरोपियों में बिलाल शेख (28) और महबूब आलम (25) शामिल हैं, जो सभी झारखंड के रहने वाले हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें देशभर में ठगी के लिए इस्तेमाल की जा रही कई फर्जी APK फाइलें मिली हैं.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ झारखंड समेत अन्य राज्यों में कई साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं. फिलहाल आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जा रही है. इस गिरोह से जुड़े और भी मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है.

कराड ने कहा कि,” नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें.,”

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AZMI DESK

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