देश

भारतीय जासूसी जहाज INS ध्रुव से थर्राया पाकिस्तान, गुपचुप अरब सागर में की PNS रिजवान की तैनाती, क्या समंदर बनेगा जंग का मैदान?

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • पाकिस्तानी नौसेना जहाज की भूमिका छिपाने का प्रयास कर रही है।

पाकिस्तान की सेना भारत के जासूसी जहाज INS ध्रुव के डर से पूरी तरह थर्रा गई है. इसी डर की वजह से पाकिस्तान की नौसेना ने अब अरब सागर में अपनी जासूसी जहाज PNS रिजवान को तैनात कर दिया है. दरअसल, पाकिस्तान को इस बात की उम्मीद लगाए बैठा है कि चीन में निर्मित इस जासूसी जहाज पीएनएस रिजवान के जरिए वो भारत के मिसाइल टेस्ट पर बेहद आसानी से नजर रख सकता है.

चीन में निर्मित इस जासूसी जहाज की विशेषता की बात करें, तो इस जहाज की मदद से पाकिस्तानी नौसेना भारत के मिसाइलों की इंजन की क्षमता, वारहेड के गिराने में लगने वाले समय, गाइडेंस करेक्शन समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियों को हासिल कर सकती है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह अपनी तरह का पहला ऐसा जासूसी जहाज है, जो पाकिस्तान की नौसेना को मिला है.

भारत का पहला परमाणु मिसाइल निगरानी और समुद्री जासूसी जहाज है INS ध्रुव

INS ध्रुव भारत का पहला परमाणु मिसाइल निगरानी और समुद्री जासूसी जहाज है, जिसे भारतीय नौसेना में साल 2021 के सितंबर महीने में शामिल किया गया था. मिसाइलों की पहचान करने वाले यह जहाज अपनी स्टील्थ फीचर के लिए खुब जाना जाता है, जो भारत के अलावा दुनिया में सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास है. हालांकि, पाकिस्तानी नौसेना के PNS रिजवान को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत के आईएनएस ध्रुव से स्टील्थ फीचर में ज्यादा ताकतवर है और अरब सागर में तैनाती के बाद पाकिस्तान दुनिया के उन शीर्ष देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास मिसाइलों की पहचान करने वाले समुद्री जहाज हैं.

यह भी पढ़ेंः ‘मैं 20 साल में प्रियंका गांधी जैसा नहीं कर पाया, उन्होंने 5 मिनट में अमित शाह को…’, लोकसभा में बोले राहुल गांधी, मगर क्यों?

PNS रिजवान की असली भूमिका छिपाना चाहता है पाकिस्तान

मलेशिया की डिफेंस बेवसाइट ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से पीएनएस रिजवान के अरब सागर में तैनाती का खुलासा किया. बेवसाइट ने रिपोर्ट किया कि PNS रिजवान अप्रैल महीने की शुरुआत से ही अरब सागर में अपना डेरा जमाए बैठा है. हालांकि, पाकिस्तानी नौसेना ने कभी अधिकारिक तौर पर PNS रिजवान की तैनाती को लेकर कोई घोषणा नहीं की.

बेवसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में इस जासूसी जहाज को पाकिस्तान की नौसेना ने दुनिया की नजर से बचाने के लिए ऐसे समुद्री रास्ते पर लेकर जाती है, जिससे दुनिया इस जहाज पर ध्यान न दे. ऐसे में इस बात पर शक काफी बढ़ जाता है कि पाकिस्तान इस जासूसी जहाज की असली भूमिका को छिपाना चाहता है. वहीं, कई एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि पाकिस्तान के इस चीनी जहाज का असली मकसद भारतीय मिसाइलों को निगरानी करना है.

यह भी पढ़ेंः महिला आरक्षण पर बोले राहुल गांधी- इस बिल को यही हराएंगे, बीजेपी को पता है नहीं होगा पास

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!