हिमाचल BJP अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सुक्खू सरकार पर कसा तंज, ’40 महीनों में जनता को दिए 40 जख्म’

हिमाचल प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने शनिवार (28 फरवरी) को धर्मशाला में पत्रकार सम्मेलन के दौरान तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कस्टडी को लेकर दिल्ली और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच टकराव पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भारत की छवि खराब करने के आरोपी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिमाचल सरकार बचा रही है. उन्होंने कहा कि गत दिनों जो कुछ हुआ है, वह हिमाचल के इतिहास में कभी नहीं हुआ.
उन्होंने सुक्खू सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय सरकार ने कानूनी गिरफ्तारी करने आई दिल्ली पुलिस टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच टकराव पैदा कर दिया. डॉ.राजीव बिंदल ने कहा कि दिल्ली पुलिस कोर्ट के आदेशों समेत कानूनी प्रक्रिया के तहत हिमाचल प्रदेश आई थी. हालांकि, हिमाचल पुलिस ने कथित तौर पर दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया और उनकी कार्रवाई में बाधा डाली. उन्होंने कहा जब कोई राज्य सरकार राजनीतिक हितों के लिए एक पुलिस बल को दूसरे के खिलाफ खड़ा करती है, तो यह संवैधानिक शासन के लिए सही नहीं है.
40 महीनों में प्रदेश की जनता को कांग्रेस ने दिए 40 जख्म – राजीव बिंदल
राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश में वन माफिया, नशा माफिया, ट्रांसफर माफिया, चिट्टा माफिया सक्रिय है. जो कर्मचारी व अधिकारी कानून की रक्षा के लिए तैनात किए गए हैं वह खुद आज सुरक्षित नहीं है. कांग्रेस ने 40 महीनों में प्रदेश की जनता को 40 जख्म दिए हैं. सरकार जा सबसे पहला फैसला डीजल पर 7:50 रुपये वेट बढ़ाकर जनता पर थोपा.
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से हर वर्ग प्रभावित हुआ एक अनुमान के अनुसार सरकार ने 40 महीने में 8000 करोड़ रुपए जनता से वसूले. उसके बाद सरकार ने स्टाम ड्यूटी बढ़ाई, रजिस्ट्रेशन रेट बढ़ाए, बिजली, पानी ओ एचआरटीसी के किराए बढ़ाने के साथ कई वस्तुओं ने रेट बढ़ाकर जनता को परेशान किया.
निजी स्कूलों के साथ वर्तमान सरकार की चल रही मिलीभगत- बिंदल
प्रदेश में स्कूलों को बंद करने पर बिंदल ने कहा कि वर्तमान सरकार की निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत है. जहां भी स्कूल बंद होते हैं, वहां नया निजी स्कूल खुल जाता है. इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस सरकार सरकारी स्कूलों को बंद कर निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने 40-45 महीनों में लगभग 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बर्बाद कर दिया है.
वर्ष 2022 में जनता ने कांग्रेस को प्रदेश का भाग्य सुधारने के लिए चुना था, लेकिन सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय स्वयं का भाग्य सुधारने में समय लगाया. अब हालात यह हैं कि सरकार जनता को परेशान कर सड़कों, धरनों और प्रदर्शनों की राजनीति कर रही है.
ये भी पढ़िए- हिमाचल प्रदेश: शिमला समेत पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात, 5 मार्च तक बारिश के नहीं कोई आसार



