Gorakhpur News: गोरखपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को 8 दिन किया डिजिटल अरेस्ट, ठगों ने 1.58 करोड़ का लगाया चूना

यूपी के गोरखपुर में साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक 64 साल की रिटायर्ड महिला चिकित्साधिकारी साइबर जालसाजों ने 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ रुपए खाते से ठग लिए. इसके लिए उन्होंने अपनी एफडी तक तोड़ दी. जब बैंक ने उन्हें आगाह किया, तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया.
साइबर ठगों ने उन्हें एनआईए, ईडी और एटीएस अधिकारी होने की धमकी देकर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया और उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा. साइबर ठगों ने उन्हें रात में सोने भी नहीं दिया.
पूरे मामले पर एक नजर
गोरखपुर के कैंट थानाक्षेत्र के कैनाल रोड पर रहने वाली सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉक्टर मंजुला श्रीवास्तव से साइबर ठगों ने 1.58 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. ATS, ED, NIA ऑफिसर बनकर मनी लांड्रिंग की धमकी देकर 8 दिनों तक घर में डिजिटल अरेस्ट कर लिया. 24 घंटे मोबाइल चार्जिंग में लगाकर रिटायर्ड महिला डॉक्टर बात करती रहीं और परिवार को शक तक नहीं हुआ.
उनसे जांच के नाम पर केनरा बैंक से 50 लाख के लेन-देन का मामला बताकर अकाउंट डिटेल ली गई. उनसे लाखों की FD तुड़वाई. इसके बाद जालसाजों ने 1.58 करोड़ रुपए हड़प लिए. इसके बाद उन्हें आश्वासन दिया कि 247 लोग इसी तरह जांच के दायरे में हैं. सबकी जांच के बाद पैसा लीगल होगा, तो वापस आ जाएगा. पैसा वापस नहीं आया, तो पीड़िता ने साइबर थाने में तहरीर दी.
एसपी क्राइम ने दी मामले की जानकारी
गोरखपुर के एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि पीड़ित महिला डॉक्टर मंजुला श्रीवास्तव द्वारा तहरीर दी गई कि वे आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी रही हैं. वे 2018 में सेवानिवृत्त हो गई हैं. पीड़िता ने बताया कि 13 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप वीडियो काल करके उनको ATS और NIA, ED का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. वे 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रहीं. उनका केनरा बैंक में अकाउंट है.
एसपी ने बताया कि मनी लांड्रिंग की धमकी देकर उन्हें बुरी तरह से डराया गया. साइबर ठगों ने कहा कि आपने 50 लाख रुपए लिए हैं. उसके बाद साइबर ठगों ने उनके खाते के सभी फंड ट्रांसफर करा लिए. पीड़िता की एफडी तुड़वाकर एक करोड़ 58 लाख रुपए ट्रांसफर कराए. मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया. खातों का डिटेल्स मांगा गया है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
पीड़िता को उनके कर्मचारी पर शक- एसपी क्राइम
गोरखपुर के एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि पीड़िता को उनके कर्मचारी पर शक है. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साइबर ठगों ने पहले धमकी दी और बोला एक साल के लिए जेल में बंद करेंगे, तब आपको पता लगेगा. वे घर में बच्चों के साथ अकेली रहती हैं. बच्चे को भी बताने नहीं दे रहे थे. हर वक्त पीड़िता की निगरानी की गई और उसे बाहर तक नहीं निकलने दिया.



