Delhi News: भारत मंडपम में म्युनिसिपालिका-2026 सम्मेलन, MCD की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की नई पहल

दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन म्युनिसिपालिका-2026 में दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपनी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी कई अहम पहलों को प्रदर्शित किया. यह सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है, जहां देश-विदेश से नगर प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं.
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया. उद्घाटन के बाद मंत्री ने एमसीडी के स्टॉल का दौरा किया और राजधानी को स्वच्छ, स्मार्ट और सतत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निपटान और लैंडफिल कम करना बड़ी चुनौती है, लेकिन एमसीडी इस दिशा में ठोस काम कर रहा है.
MCD ने बताया कैसे होगा कचरा प्रबंधन
एमसीडी के पवेलियन में दिखाया गया कि कैसे कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका निस्तारण किया जा रहा है. गीले और सूखे कचरे को अलग करना, घर-घर से कचरा संग्रहण, पुराने लैंडफिल स्थलों पर कूड़े के पहाड़ कम करना और आधुनिक मशीनों का उपयोग, इन सबको विस्तार से समझाया गया.
इसके साथ ही निगम ने अपनी डिजिटल सेवाओं को भी प्रदर्शित किया, जिससे लोग घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ ले सकें.
स्वच्छ भारत मिशन पर जोर
दिल्ली में कचरे की समस्या लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है. गाजीपुर, भलस्वा और ओखला जैसे लैंडफिल साइटों पर कूड़े के पहाड़ को कम करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी दिल्ली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है.
सम्मेलन के दौरान एमसीडी के अधिकारियों ने ‘शहरी योजना एवं सुधार’ विषय पर एक तकनीकी सत्र भी प्रस्तुत किया. इसमें एकीकृत शहरी योजना, सर्कुलर इकोनॉमी यानी कचरे से संसाधन बनाने की सोच और व्यापार को आसान बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी गई.
दिल्ली को स्वच्छ और आधुनिक बनाना है
एमसीडी का कहना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से नई तकनीक और बेहतर तरीकों की जानकारी मिलती है. निगम ने दोहराया कि वह दिल्ली को साफ, स्वस्थ और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाले समय में राजधानी सतत विकास का एक मॉडल बन सके.



