राज्य

270 लोगों की जान लेने वाले एयर इंडिया हादसे पर दिल्ली HC का बड़ा फैसला, जानें क्या दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को रीडिंग डाउन यानी सीमित तरीके से पढ़ने की मांग की गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 270 लोगों की जान चली गई थी.

चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिका पूरी तरह गलत समझ पर आधारित है. कोर्ट ने साफ किया कि रीडिंग डाउन का सिद्धांत केवल कानून या किसी विधि की व्याख्या के दौरान लागू होता है न कि विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट पर. 

अदालत ने कहा कि विमान दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट विशेषज्ञों ने तैयार की है और ऐसे तकनीकी मामलों में अदालत को दखल नहीं देना चाहिए. 

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा रिपोर्ट बदलने का नही दे सकते आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि किसी को रिपोर्ट में कमी लगती है तो इसका मतलब यह नहीं कि अदालत से उसे बदलने या संशोधित करने की मांग की जाए. यह रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने तैयार की है. 

जांच के मुताबिक, एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि विमान के दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई एक सेकंड के अंतर में बंद हो गई थी.

इंजनों के फ्यूल कट-ऑफ और फ्लेम आउट का समय बताने की मांग

दिल्ली हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता और इंजीनियर सुरेश चंद श्रीवास्तव ने अदालत से इंजनों के फ्यूल कट-ऑफ और फ्लेम आउट के सटीक समय की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी. उनका दावा था कि इंजन फेल होने की वजह ‘सर्ज’ हो सकती है. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि जांच अभी जारी है और ऐसी जानकारी पाने के लिए याचिकाकर्ता आरटीआई कानून के तहत संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.

कोर्ट ने साफ किया कि इस तरह की जानकारी देने के लिए याचिका का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!