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महाराष्ट्र के बजट में क्या-क्या होगा, किसानों का कर्ज होगा माफ? फडणवीस सरकार ने पेश की रूपरेखा

महाराष्ट्र में अर्थसंकल्पीय अधिवेशन से पहले आयोजित पत्रकार परिषद में महायुति सरकार ने विपक्ष को खुली चुनौती दी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष केवल बयानबाजी कर भागने के बजाय अधिवेशन में अपनी सभी शंकाएं और सवाल रखे. सरकार हर मुद्दे पर विस्तार से जवाब देगी और भरपूर चर्चा का अवसर मिलेगा.

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि अजित दादा के सपनों को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनावी वादों को पूरा करने का भरोसा दिलाया. इस दौरान महायुति नेताओं ने अजित पवार को याद करते हुए उनके आर्थिक अनुशासन और विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

क्या बोले देवेंद्र फडणवीस

इस अधिवेशन के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग के प्रश्नों का समाधान किया जाएगा. महाराष्ट्र में देश के सबसे अधिक दिन तक अधिवेशन चलता है. अजित पवार ने इस बजट की अच्छी तैयारी की थी, लेकिन दुर्भाग्य से वे अब हमारे बीच नहीं हैं. फडणवीस ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री को जिस व्यक्ति को निश्चिंत होकर वित्त विभाग सौंपा जा सके, ऐसे व्यक्तित्व थे अजित दादा. वे आर्थिक अनुशासन का सख्ती से पालन करते थे. यदि कोई प्रस्ताव आर्थिक ढांचे में फिट नहीं बैठता था तो स्पष्ट मना कर देते थे. लेकिन जहां जरूरी होता वहां रास्ता भी निकालते थे. सुनेत्रा पवार पहली बार अधिवेशन का सामना कर रही हैं. उनके लंबे अनुभव के आधार पर विश्वास है कि वे मजबूती से इसे संभालेंगी.

केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को मिलने वाले फंड में 20 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. राज्य को 98,300 करोड़ रुपये का कर-रिफंड मिलेगा. दावोस में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए हैं. जिनकी वास्तविक स्थिति का विस्तृत विवरण इस बजट में दिया जाएगा. महाविस्तार नाम का एक AI ऐप तैयार किया गया है, जिससे किसानों को लाभ होगा. फसल की फोटो लेने पर यह ऐप उसकी स्थिति की जानकारी देगा. विपक्ष की ओर से 18 मुद्दों वाला छह पन्नों का पत्र मिला, जिसमें मातृभाषा की कई गलतियां थीं और समाचारों के पैराग्राफ सीधे कॉपी किए गए थे.

बजट पर क्या बोलीं सुनेत्रा पवार

सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह महायुती सरकार का दूसरा बजट सत्र है. जनता ने हमें सत्ता सौंपी है और हम उनके विश्वास पर खरे उतरेंगे. दिवंगत अजित दादा ने 11 बार बजट पेश किया था. उन्होंने विकास के मामलों में कभी समझौता नहीं किया. महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना उनका संकल्प था, जिसे अब महायुती सरकार आगे बढ़ाएगी.‘लाडकी बहन’ योजना बंद होने के आरोपों के बीच अजित दादा ने इसके लिए बजट में प्रावधान किया था और यह योजना जारी रहेगी.

बजट को लेकर क्या बोले एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ने कहा कि बजट पेश होने से पहले सबकी नजरें अजित दादा पर होती थीं. आज वे हमारे बीच नहीं हैं और उनका अभाव महसूस होता है. नियति के आगे किसी का वश नहीं चलता. उन्होंने कहा कि अजित दादा मंत्रिमंडल की बैठकों में आर्थिक मामलों पर स्पष्ट राय रखते थे. अब उनका सपना हमें पूरा करना है. देवेंद्र फडणवीस राज्य की अर्थव्यवस्था की नब्ज समझते हैं. साढ़े तीन वर्षों में हमने आम जनता के लिए कई योजनाएं शुरू कीं. दावोस में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनसे 40 से 50 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की प्रगति को गति मिलेगी. चुनाव के समय किए गए सभी वादे उचित समय पर पूरे किए जाएंगे. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनमें संवाद की कमी है. उन्हें जनता के मुद्दों पर सरकार से काम करवाना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं.

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AZMI DESK

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