‘कोर्ट को जो समझ में आ रहा, वह कर रहा है’, अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर बोलीं BJP सांसद

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा 2-3 अज्ञात लोगों पर बाल यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज की गई है. प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. अब इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की नेता व राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत की प्रतिक्रिया सामने आई है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर एफआईआर दर्ज होने के मामले में गाजीपुर की राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि, “वहां की जो भी स्थितियां है और कोर्ट के समझ में जो आ रहा है, वह कोर्ट कर रहा है.” अविमुक्तेश्वरानंद के आरोप कि ‘शिकायतकर्ता (आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज) खुद हिस्ट्रीशीटर है.’ इस पर राज्यसभा सांसद ने कहा कि यह जांच का विषय है, जो सही होगा वह जांच में सामने आएगा.”
अखिलेश यादव ने नहीं चाहा प्रदेश का भला
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सपा प्रमुख व पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान पर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि, अखिलेश यादव प्रदेश के वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने प्रदेश का कभी भला नहीं चाहा है. हमारी सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में लगी है, जबकि अखिलेश यादव की सरकार थी, तब उत्तर प्रदेश गुंडागर्दी की पर्याय बन चुका था, इसलिए अखिलेश यादव का नाम लेना ही बेईमानी.
मोहन भागवत के बयान पर दी प्रतिक्रिया
ओटीटी प्लेटफार्म को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि, लोगों को क्या देखना है, वह खुद तय करें. उन्होंने कहा कि मानव जीवन बड़े ही भाग्य से मिलता है. इसलिए इस जीवन को सद कार्यो में लगाना चाहिए. इसलिए बेवजह की टीका टीप्पणी में न उलझ कर राष्ट्र के उन्नति के बारे में सोचना चाहिए. आपको बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले पर लगातार बयानबाजी का दौर जारी है, इस मामले में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है.



