महोबा में शव दफनाने पर विवाद, VHP ने ‘लैंड जिहाद’ का लगाया आरोप, जानें क्या है मामला

महोबा के सिजहरी गांव में एक मुस्लिम महिला के शव को दफनाने पर बवाल खड़ा हो गया है. विश्व हिंदू परिषद और विश्व हिंदू महासंघ ने इसे लैंड जिहाद और सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश करार दिया है. तनाव को देखते हुए प्रशासन ने विहिप नेता मयंक तिवारी को हाउस अरेस्ट किया. फिलहाल, एसडीएम ने जमीन की पैमाइश का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया है.
महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सिजहरी गांव इस वक्त सांप्रदायिक और प्रशासनिक खींचतान का केंद्र बन गया है. मामला एक मुस्लिम महिला के शव को दफनाने से जुड़ा है, जिसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और विश्व हिंदू महासंघ ने तीखा विरोध दर्ज कराया है.
हिंदू संगठनों ने बताया ‘लैंड जिहाद’
हिंदू संगठनों का आरोप है कि जिस जमीन पर शव को दफनाया गया है, वह कब्रिस्तान की नहीं बल्कि सरकारी भूमि है. हिंदू संगठन ने इसे लैंड जिहाद बताते हुए आरोप लगाया कि शव दफनाने की आड़ में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की.
पुलिस ने हिंदूवादी नेताओं को किया हाउस अरेस्ट
विहिप के विभाग मंत्री मयंक तिवारी और विश्व हिंदू महासंघ के जिला संयोजक अनुज महाराज ने जब समर्थकों के साथ गांव कूच करने की चेतावनी दी, तो पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम शिवध्यान पांडे, महोबा और चरखारी के सीओ सहित भारी पुलिस बल मयंक तिवारी के आवास पर पहुंचा और उन्हें घर के भीतर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया.
‘सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं’
विहिप नेताओं की मांग स्पष्ट है कि शव को विवादित जमीन से निकालकर निर्धारित कब्रिस्तान की भूमि पर दफनाया जाए. विहिप नेता मयंक तिवारी का कहना है कि यदि पैमाइश में जमीन कब्रिस्तान की निकलती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वहीं विश्व हिंदू महासंघ के जिला संयोजक अनुज महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू संगठन सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे.जबकि गांव के मुस्लिम पक्ष का दावा है कि उक्त भूमि कब्रिस्तान की ही है और पहले भी उक्त जमीन पर मुर्दे दफनाते रहे है.
प्रशासन ने दिया पैमाइश का आश्वासन
फिलहाल, एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले को शांत कराते हुए राजस्व टीम से जमीन की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया है. गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे.



