मुंबई: बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 लाख की फिरौती, ‘लालपरी’ कोडवर्ड से बिछा जाल, 4 अरेस्ट

राजधानी मुंबई के विले पार्ले इलाके में एक नामी ज्वेलरी व्यवसायी से ‘लॉरेंस बिश्नोई गैंग’ के नाम पर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हालांकि, मुंबई पुलिस की तत्परता और एक फिल्मी स्टाइल में बिछाए गए जाल के कारण 5 लाख रुपये की रंगदारी लेने आए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है. इस पूरे ऑपरेशन में ‘लालपरी’ कोडवर्ड का इस्तेमाल किया गया था.
जानकारी के अनुसार, विले पार्ले (पूर्व) निवासी 46 वर्षीय अजित सोहनलाल जैन ‘मंगल रॉयल ज्वेल्स प्रा. लि.’ के संचालक हैं. वे पिछले 20 वर्षों से सोना, चांदी और डायमंड का कारोबार कर रहे हैं. 12 फरवरी 2026 की रात करीब 8:36 बजे उन्हें एक विदेशी नंबर (+44 7474 789883) से व्हाट्सऐप मैसेज आया.
मैसेज में लिखा था: “मंगल रॉयल ज्वेलर्स 20 लाख कैश फिरौती तुम्हारे से चाहिए. अगर पैसा नहीं दिया तो जैसे भारत देश में हो रहा है अब नंबर तेरा है. गोली खाने का है या ना में जवाब चाहिए. लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनाडा.”
20 लाख से 5 लाख पर तय हुआ सौदा
लगातार आ रही धमकियों के बाद 14 फरवरी को जब आरोपी ने व्हाट्सऐप कॉल किया, तो पीड़ित ज्वेलर ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई. काफी सौदेबाजी के बाद फिरौती की रकम 5 लाख रुपये तय की गई. इसके बाद 15 और 16 फरवरी को लगातार चैट और कॉल के जरिए डिलीवरी की जगह और समय तय किया गया. आरोपियों ने पैसे कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) की पार्किंग में मंगाए.
‘लालपरी’ कोडवर्ड और पुलिस का जाल
शिकायतकर्ता ने तुरंत विले पार्ले पुलिस से संपर्क किया. पुलिस निरीक्षक श्रीनिवास चेवले के नेतृत्व में सादे कपड़ों में एक टीम गठित की गई. योजना के मुताबिक, 16 फरवरी की शाम 4:17 बजे ज्वेलर के दो कर्मचारी (मनीष परिहार और अशोक त्रिवेदी) 5 लाख रुपये से भरा बैग लेकर सुजुकी एक्सेस स्कूटर से LTT पार्किंग में हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास पहुंचे.
आरोपियों ने फोन पर बताया कि उनका आदमी ‘लालपरी’ (Lalpari) कोडवर्ड बोलेगा, तभी पैसे देने हैं. कुछ देर बाद चार संदिग्ध वहां पहुंचे. उनमें से दो ने आकर कहा- ‘लालपरी’. कर्मचारियों ने बैग उन्हें सौंप दिया.
200 मीटर पीछा कर ऑटो से दबोचा
जैसे ही चारों आरोपी पैसे लेकर एक ऑटो रिक्शा में बैठकर भागने लगे, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने एक्शन शुरू कर दिया. पुलिस ने करीब 200 मीटर तक पीछा कर चारों आरोपियों को 5 लाख रुपये के बैग समेत दबोच लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
पकड़े गए आरोपी पेशेवर गैंगस्टर नहीं, बल्कि छोटे-मोटे काम करने वाले युवक निकले, जो खौफ का फायदा उठाना चाहते थे:
- दीपक नरेंद्र डंगोल (19): रसोइया (पुणे)
- माजिद साजिद खान (21): बैग विक्रेता (गोवंडी, मुंबई)
- फैजान फिरोज खान (27): एसी मैकेनिक (पुणे)
- साहिल इलियास शेख (20): कपड़ा दुकान का कर्मचारी (चिता कैंप, मुंबई)
मुख्य आरोपी दीपक डंगोल के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इनका सच में बिश्नोई गैंग से कोई सीधा संपर्क है या वे सिर्फ नाम का इस्तेमाल कर खौफ पैदा कर रहे थे.
घटना का टाइमलाइन (चैट और कॉल डिटेल):
12 फरवरी: रात 8:36 बजे पहला धमकी भरा मैसेज आया. रात 11:50 बजे खून निकालने की धमकी मिली.
13 फरवरी: विले पार्ले थाने में शिकायत दर्ज कराई गई.
14 फरवरी: दोपहर 2:15 बजे व्हाट्सऐप कॉल पर 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ.
15 फरवरी: दिनभर पैसों के इंतजाम को लेकर चैट हुई. ज्वेलर ने 3 लाख होने की बात कही, लेकिन आरोपी 5 लाख पर अड़ा रहा.
16 फरवरी: दोपहर 12:46 बजे कुर्ला टर्मिनस पर बुलाया गया. शाम 4:31 बजे ‘लालपरी’ कोडवर्ड बताया गया. कुछ ही देर में पुलिस ने रंगे हाथ धर दबोचा.



