क्या शरद पवार फिर जाएंगे राज्यसभा? कांग्रेस के बड़े नेता ने साफ की तस्वीर

महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव होने हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार का भी राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है. शरद पवार के फिर से राज्यसभा जाने के मुद्दे को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि इस विषय पर हम तभी बात करेंगे जब पार्टी के अंदर इस पर चर्चा होगी. अभी तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है.
महाराष्ट्र से शरद पवार के अलावा रामदास अठावले, फौजिया खान, रजनी पाटिल, प्रियंका चतुर्वेदी, धैर्यशील पाटिल और भागवत कराड का राज्यसभा कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है. चुनाव आयोग की ओर से 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है. इन 37 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी.
सचिन पायलट ने अजित पवार विमान हादसे पर क्या कहा?
बारामती विमान हादसे में अजित पवार के निधन को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, ”इस पूरे मामले में तथ्य तलाशने के लिए एक जांच होनी चाहिए, जो समयबद्ध हो. उच्च स्तर की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए.”
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर पायलट की प्रतिक्रिया
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से होना चाहिए. ऐसे निर्णय किसी एक पार्टी द्वारा नहीं लिए जा सकते. हम सभी मिलकर काम कर रहे हैं और इंडिया गठबंधन मजबूत है. यह बेहद अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.
गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद पर क्या बोले पायलट?
गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर सचिन पायलट ने कहा, ”यह सरकारी कार्यक्रम था, निजी नहीं. ऐसी घटनाएं हमें शर्मिंदा करती हैं और उद्यमियों और स्टार्टअप्स के भरोसे को प्रभावित करती हैं. ऐसे आयोजनों के लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए.”
किसानों के हितों से समझौता- पायलट
उन्होंने किसानों के मुद्दे पर आगे कहा कि आज हम छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मना रहे हैं, लेकिन दुख की बात यह है कि किसानों के हित में रहे उनके विचारों को आज अपनाया नहीं जा रहा है. किसानों की सुरक्षा के लिए जो रेड लाइन हमेशा खींची जाती थी, वह किसी भी सरकार ने कभी पार नहीं की. लेकिन यह पहली बार है कि किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भी पहली बार है कि किसी देश का राष्ट्रपति बैठक से पहले ही सारी बातें ट्वीट कर रहा है. ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि उन्होंने भारत को धमकी देकर युद्ध रुकवाया. हमारी सरकार ने अब तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है. इस व्यापार समझौते में सीधे तौर पर किसान निशाने पर हैं. इस समझौते से पहले न तो किसानों से कोई चर्चा की गई और न ही विपक्षी नेताओं से कोई बातचीत हुई.
अमेरिका का रवैया भारत पर दबाव बनाने का- सचिन पायलट
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब ये लोग सत्ता में आए तो पहले भूमि अधिग्रहण कानून लेकर आए, और अपने अगले कार्यकाल में तीन काले कानून ले आए. मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब कोई सरकार सत्ता में होती है, तो उसकी प्राथमिकताएं उसकी मानसिकता को दर्शाती हैं. अमेरिका का रवैया भारत पर दबाव बनाने का है. इस समझौते का किसानों पर दीर्घकालीन प्रभाव बहुत गंभीर होगा.
हम अमेरिका के दबाव में क्यों आ रहे- पायलट
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि कोई दूसरा देश हमें यह कैसे बता सकता है कि हमें तेल कहां से खरीदना चाहिए? अमेरिका का दबाव चीन पर काम नहीं कर रहा है, फिर हम उस दबाव में क्यों आ रहे हैं? हम पहले ही अमेरिका को 5% टैरिफ दे रहे थे, अब उसे बढ़ाकर 18% कर दिया गया है. यह कैसा सौदा है? जब आप सवाल पूछते हैं तो सरकार कहती है विदेश मंत्रालय से पूछिए, विदेश मंत्रालय कहता है पीयूष गोयल से पूछिए, और पीयूष गोयल कहते हैं वित्त मंत्री से पूछिए.
महाराष्ट्र में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर रहे- पायलट
महाराष्ट्र में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर रहे हैं, और यह समझौता इस संकट को और बढ़ाएगा. सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने किसानों की इतनी अनदेखी नहीं की, जितनी यह सरकार कर रही है. यह सरकार सिर्फ प्रभावशाली लोगों के लिए काम कर रही है. सरकार का कामकाज देखकर लगता है कि वह किसी दबाव में है. जब परमाणु परीक्षण किए गए थे, तब किस तरह के समझौते किए गए थे?
यही भाजपा, जो हमारी नीतियों—चाहे वह आधार हो, जीएसटी हो या कोई और—का विरोध करती थी, बाद में उन्हीं नीतियों को अपनाती है. हमारे कपड़ा उद्योग की सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया गया. चीन अमेरिका के दबाव में नहीं झुक रहा, तो हम क्यों झुक रहे हैं? सरकार मनरेगा को खत्म करना चाहती है.
ओम बिरला के एआई वीडियो मामले पर क्या बोले पायलट?
उन्होंने कहा कि सरकार नोटिस भेजकर दबाव की राजनीति करती है. लेकिन उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि ऐसी रणनीति ज्यादा समय तक काम नहीं करेगी.
बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर पायलट ने क्या कहा?
बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता पायलट ने कहा, ”जब भी चुनाव आते हैं, भाजपा घुसपैठियों की बात करने लगती है. सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन होती है. चाहे बंगाल हो या बिहार, सीमाओं की सुरक्षा राज्य पुलिस नहीं बल्कि केंद्रीय बल करते हैं. अगर अवैध प्रवासी हैं, तो सरकार को उनका डेटा सार्वजनिक करना चाहिए और उन्हें उनके देश वापस भेजना चाहिए. इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.”
मुस्लिम आरक्षण पर सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा धर्म के आधार पर राजनीति करती है. वह योग्यता की बात नहीं करती, बल्कि समाज को बांटने वाली राजनीति में ही रुचि रखती है.



