मिशन बंगाल में जोर-शोर से जुटी BJP! एक मार्च से राज्य में निकालेगी परिवर्तन यात्रा, जानें क्या है रणनीति

पश्चिम बंगाल में अगले महीने विधानसभा चुनावों की घोषणा होने जा रही है. विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने और जनसमर्थन मजबूत करने के उद्देश्य से राज्यभर में परिवर्तन यात्राएं शुरू करने का निर्णय लिया है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 1 मार्च से परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत की जाएगी. राज्य के 10 अलग-अलग स्थानों से एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जो विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी. इन यात्राओं के माध्यम से बीजेपी जनता के बीच पहुंचकर राज्य सरकार के खिलाफ कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और घुसपैठिए जैसे मुद्दों घेरने और उसके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास करेगी.
यात्रा के समापन पर विशाल जनसभा का होगा आयोजन
यात्राओं के समापन पर पश्चिम बंगाल में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. पार्टी को उम्मीद है कि यह रैली चुनावी माहौल में निर्णायक संदेश देने का काम करेगी और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ-साथ व्यापक जनसमर्थन जुटाने में मददगार साबित होगी.
परिवर्तन यात्राओं में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. इसके अतिरिक्त संगठन के शीर्ष पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्री और स्थानीय नेता भी विभिन्न चरणों में यात्राओं से जुड़ेंगे.
बीजेपी भी विधानसभा चुनाव में जुटी
बीजेपी 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटों तक पहुंची थी और इस बार पार्टी संगठनात्मक स्तर पर और अधिक मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है. पार्टी माइक्रो-मैनेजमेंट, बूथ स्तर की संरचना को सुदृढ़ करने और प्रवासी कार्यकर्ता मॉडल के माध्यम से हर क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने की योजना बना रही है.
पार्टी कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, रोजगार और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए राज्य की राजनीतिक बहस का केंद्र बदलने की कोशिश में है. भाजपा नेताओं का कहना है कि परिवर्तन यात्राएं केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक जनसंवाद अभियान हैं, जिनके माध्यम से जनता की समस्याओं को समझकर समाधान का रोडमैप तैयार किया जाएगा. कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक जनसंवाद अभियान हैं, जिनके माध्यम से जनता की समस्याओं को समझकर समाधान का रोडमैप तैयार किया जाएगा.



