CM नीतीश कुमार को RJD सांसद ने लिखा पत्र, ‘बिल गेट्स और गेट्स फाउंडेशन से संबंध तोड़ें’

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. उन्होंने बिल गेट्स और उनके संस्थान गेट्स फाउंडेशन से राज्य सरकार के सभी प्रकार के संबंधों को तत्काल प्रभाव से तोड़ने की मांग की है. सुधाकर सिंह ने यह पत्र 17 फरवरी को लिखा है जिसे बीते बुधवार (18 फरवरी, 2026) को उन्होंने अपने एक्स हैंडल से भी पोस्ट किया.
सुधाकर ने कहा कि जब गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन ही एपस्टीन फाइल्स और यौन शोषण से संबंधित सवालों के घेरे में हैं, ऐसे में यह उचित होगा कि बिहार सरकार तत्काल प्रभाव से बिल गेट्स की संस्था गेट्स फाउंडेशन से दूरी बनाए. उनके द्वारा संचालित सेंटर फॉर हेल्थ एवं एग्रीकल्चर पॉलिसी से भी दूरी बनाए. उन्होंने यह भी कहा है कि जिन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ कार्य करने के लिए बिल गेट्स फाउंडेशन ने लाखों रुपये के वेतन पर सहायकों की नियुक्ति की है, उसकी जांच होनी चाहिए.
‘एक यौन शोषक की संस्था की सहभागिता को…’
अपने पत्र में सांसद ने लिखा है, “मैं राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि तत्काल प्रभाव से बिल गेट्स और उसकी संस्थान गेट्स फाउंडेशन से बिहार सरकार सभी तरह के संबंधों को तत्काल प्रभाव से दूरी बनाते हुए खत्म करें. बिहार की बेटियों से संबंधित नीतिगत निर्णयों में एक यौन शोषक की संस्था की सहभागिता को कभी भी स्वीकारा नहीं जा सकता.”
उन्होंने कहा, “यदि बिहार में गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ कार्यरत हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि उनकी नियुक्ति का वैधानिक आधार क्या है? क्या यह MoU (समझौता ज्ञापन) के तहत पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ है? क्या संवेदनशील नीतिगत सूचनाओं की साझेदारी के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान हैं? क्या राज्य सरकार की संप्रभु नीति-निर्माण प्रक्रिया पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है?”
सुधाकर सिंह ने पटना में चल रहे गेट्स फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित सेंटर फॉर हेल्थ एवं एग्रीकल्चर पॉलिसी पर भी सवाल उठाया. कहा कि इसे किस उद्देश्य से चलाया जा रहा है और राज्य के नीतिगत मामलों एवं योजनाओं की जानकारी गेट्स फाउंडेशन से क्यों साझा की जा रही है, यह एक बड़ा प्रश्न है.
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