ग्रेटर नोएडा के भनौता गांव में गरजा प्राधिकरण का बुलडोजर, 60 करोड़ की भूमि अतिक्रमण मुक्त

ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अधिसूचित एवं अधिग्रहित गांव भनौता की लगभग 30 हजार वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया. इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए निर्माणों को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया. मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है.
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, जिन 30 हजार वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था, उसमें से करीब 8000 वर्गमीटर भूमि प्राधिकरण की अधिग्रहित और विधिवत कब्जा प्राप्त जमीन थी. इस जमीन का मुआवजा पूर्व में ही संबंधित भूमि स्वामियों को दिया जा चुका था. इसके बावजूद कुछ कालोनाइजर उक्त भूमि को अनधिकृत खसरा नंबर की बताकर बेचने का प्रयास कर रहे थे. यह न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि आम जनता को भ्रमित कर उनकी गाढ़ी कमाई दांव पर लगाने जैसा भी था.
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई कार्रवाई
प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख विभाग और परियोजना विभाग (वर्क सर्किल-2) की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की. इस दौरान प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहे, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी.
बिना अनुमति के निर्माण माना जाएगा अवैध
प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से सम्पर्क कर उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें. अवैध कॉलोनियों में निवेश कर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें.
जानकारी महाप्रबंधक परियोजना ए.के. सिंह ने बताया कि कालोनाइजर खसरा नंबर 238 और 239 की जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाकर प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे थे. वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण हटवाया.
कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप
अधिकारियों ने दोबारा अवैध निर्माण की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों को स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.



