भिवाड़ी: ‘कागजों में वाशिंग पाउडर, अंदर ‘मौत का सामान’, अवैध फैक्ट्रियां सीज

राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी के खुशखेड़ा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट और 7 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी है. इस दर्दनाक हादसे की जांच में ‘बारूद के संगठित नेटवर्क’ का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक हेमंत शर्मा और मैनेजर अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने दोनों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है. जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि मौत का यह कारखाना पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारी योगेश पंडित की कथित शह पर चल रहा था.
कागजों में वाशिंग पाउडर, अंदर ‘मौत का सामान’
ब्लास्ट स्थल की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि प्रशासन ने घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर दो और अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों का भंडाफोड़ किया. ये फैक्ट्रियां (प्लॉट नंबर G1-682 और G1-538A) कागजों में स्टील फैब्रिकेशन और वॉशिंग पाउडर बनाने के नाम पर रजिस्टर्ड थीं, लेकिन अंदर बड़े पैमाने पर पॉप-अप पटाखे और विस्फोटक सामग्री बनाई जा रही थी.
ताले तोड़े तो मिला चाइनीज पटाखों का जखीरा
जब प्रशासन की टीम ने रीको (RIICO) के इन प्लॉट्स पर छापा मारा, तो वहां कोई संचालक नहीं मिला. पुलिस की मौजूदगी में ताले तोड़े गए, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए. वहां जिप्सम, सिलिका सैंड, नाइट्रिक एसिड और भारी मात्रा में तैयार पटाखे मिले, जो ‘चाइनीज रैपर’ में पैक थे. एडीएम सुमित्रा मिश्रा के निर्देश पर दोनों इकाइयों को सीज कर उनकी बिजली काट दी गई है.
315 फैक्ट्रियों की जांच, आईजी ने दिए सख्त निर्देश
हादसे के बाद प्रशासन ने खुशखेड़ा, टपूकड़ा और चौपानकी में सघन अभियान चलाकर 315 इकाइयों की जांच की है. जयपुर रेंज आईजी राघवेंद्र सुहास ने भिवाड़ी का दौरा कर पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत की भी गहन जांच का भरोसा दिलाया है. वहीं, रीको ने नियमों के उल्लंघन पर संबंधित इकाइयों को नोटिस जारी कर भूखंड निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
Input By : जुगल किशोर गांधी



