हिमाचल: संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे डिप्टी CM, बोले- RDG हमारा हक, जयराम ठाकुर ने कसा तंज

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार संग्राम देखने को मिला. मंगलवार (17 फरवरी) को सदन में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री हाथों में संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे.
उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि RDG कोई भीख नहीं, बल्कि संविधान द्वारा हिमाचल को दिया गया अधिकार है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए सरकार पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया.
अग्निहोत्री की दलील: RDG हिमाचलियत का सवाल
चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम ने संविधान दिखाते हुए कहा कि निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ पहाड़ी राज्यों को यह हक दिया था. उन्होंने कहा, “RDG केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल और हिमाचलियत के अस्तित्व का प्रश्न है. जो लोग पहले ‘स्टेट हुड मारो ठूड’ के नारे लगाते थे, वही आज इसका विरोध कर रहे हैं.”
अग्निहोत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों की RDG पर निर्भरता मात्र 1% है, जबकि नगालैंड की 17% और हिमाचल की 13% है. जीएसटी से बड़े राज्यों को फायदा हुआ, लेकिन हिमाचल जैसे विशेष श्रेणी के राज्य को नुकसान. उन्होंने जयराम ठाकुर पर दिल्ली जाकर हिमाचल का पैसा रुकवाने का आरोप लगाया.
जयराम का पलटवार: तथ्य रखें या माफी मांगें
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर डिप्टी सीएम के पास दिल्ली से पैसा रुकवाने का कोई सबूत है तो पटल पर रखें, वरना यह विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का मामला बनता है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने स्तर पर केंद्र से बात कर रही है, लेकिन सुक्खू सरकार सिर्फ राजनीतिक लड़ाई लड़ना चाहती है.
सीएम और डिप्टी सीएम के चुनाव लड़ने पर तंज
जयराम ठाकुर ने सरकार की स्थिरता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनावों की आहट शुरू हो गई है. हालात ऐसे हैं कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनाव लड़ने के लिए सुरक्षित सीट ढूंढ रहे हैं. वे अपनी पत्नी के विधानसभा क्षेत्र से लड़ना चाहते हैं, लेकिन वहां उनकी पत्नी भी चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई हैं. वहीं, डिप्टी सीएम खुद कह चुके हैं कि उनका अब चुनाव लड़ने का मन नहीं है. जयराम ने दावा किया कि चुनाव आने पर कई कांग्रेस विधायक मैदान छोड़ भागेंगे.



