अमेठी में मनरेगा के नाम पर विवाद पर बढ़ी हलचल, कांग्रेस नेता शुभम सिंह को किया हाउस अरेस्ट

मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले अमेठी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को उनके आवास पर कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है. सुबह से ही उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. जिसकी फोटो और वीडियो स्वयं शुभम सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल की गई है.
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी द्वारा लखनऊ में विधानसभा घेराव के आह्वान के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए हैं. पुलिस की मौजूदगी के बीच शुभम सिंह को उनके घर में ही सीमित रखा गया. इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, सरकार पर लगाए आरोप
शुभम सिंह ने अपने घर से वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया. उनका कहना है कि जनता की आवाज उठाने वालों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद युवा कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी.
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धर्मेंद्र शुक्ला ने भी साधा निशाना
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष से मिलने उनके आवास पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व महासचिव यूथ कांग्रेस धर्मेंद्र शुक्ला ने भी सरकार की कार्रवाई की आलोचना की. उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता दबने वाले नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि किसी भी हाल में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे. योगी की पुलिस उन्हें रोक नहीं पाएगी.
किसी को नजरबंद नहीं किया गया- पुलिस
मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी को नजरबंद नहीं किया गया है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों पर निगरानी रखी जा रही है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु पुलिस आवश्यक कदम उठा रही है.
शुभम सिंह ने कहा कि सीएम योगी की पुलिस ने हमारे आवास को पूरी तरह से घेर लिया है. मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया गया है, जबकि 17 फरवरी को मेरा कार्यक्रम लखनऊ में है. प्रशासन पहले से ही सक्रिय हो गया है, जो गलत और निंदनीय है. उन्होंने आगे कहा कि वह अमेठी में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं. अस्पतालों और तहसील में लोगों की सेवा करते हैं और 24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं. उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि उन्हें समाज के बीच रहने दिया जाए. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की गतिविधियों से भयभीत है, लेकिन अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा.
17 फरवरी पर टिकी सभी की निगाहें
विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं. ऐसे में 17 फरवरी को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. अमेठी में फिलहाल पुलिस बल की तैनाती जारी है और प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है.
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