Azamgarh News: आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर में गोष्ठी का आयोजन हुआ संपन्न*


*सत्येन्द्र सिंह लालगंज आजमगढ़*
लालगंज (आजमगढ़ ) विकास खंड लालगंज के मई गांव स्थित आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर के जया विजया प्रासाद मे महाशिव रात्रि के पर्व पर आयोजित गोष्ठी मे देर सायं श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए बाबा विशाल भारत ने कहा कि सनातन मे प्रत्यक्ष की पूजा होती थी । जो आस्था की धोतक थी लेकिन धीरे धीरे लोक आस्था का प्रदर्शन करने लगे । जिसके कारण सकारात्मकता की जगह नकारात्मकता बढ़ने लगी । आज हर कोई अशान्त है उसका मूल कारण दिखावा एवं प्रदर्शन है। अपने मूल शिव एवं शिवा अर्थात माता पिता की उपेक्षा करते लोग मंदिरो मे लम्बी लम्बी लाइन लगा कर शिव एवं शिवा को ढूढ रहे है। सभी लोग स्वयं तो सीमित है लेकिन चाह असीमित की है। क्या यह सम्भव है। हमारे कृत्यो से ही विकृति एवं प्रदूषण बढ रहा है। जिसके कारण संतुलन गडबडा रहा है। आवश्यकता से अधिक धन का होना विपत्ति का कारण है। सभी को वर्तमान मे जीना चाहिए।और इस पर विचार करना चाहिए कि हमारा वर्तमान कैसे मर्यादित एवं नियंत्रित हो । न तो प्रेम भय से होता न स्वार्थ से होता है । इसे तो कृतिम प्रेम कहा जायेगा । संसार की हर वस्तु नाशवान है लेकिन वास्तविक प्रेम ही सत्य है। और सत्य कभी नष्ट नही होता।क्यों कि सत्य ही शिव है।वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के जिम्मेदार हम मनुष्य ही तो है। इस लिए हम महाविनाश के मोहाने पर खडे है।कोई भी भौतिक वस्तु या पदार्थ नष्ट नही होता केवल उसका स्वरूप बदल जाता है। अध्यात्म एवं विज्ञान मे कोई अन्तर नही है।अध्यात्म उच्चकोटि का विज्ञान है। गोष्ठी मे नरेन्द्र सिंह,अनिल भूषण , देवेन्द्र सिंह,कैलाश नाथ तिवारी,डा पूनम तिवारी, रविन्द्र नाथ सिंह,ध्रुव सिंह, समन्त सेगर,ऋषिकान्त राय,डा आशालता सिंह, बीएन सिंह,आलोक सिंह , राहुल ने अपने विचार रखे । दिनेश तिवारी ने मंगलाचरण गायन व डाक्टर रामनयन सिंह सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य ने गोष्ठी का संचालन किया। गोष्ठी के उपरांत आरती हुई तत्पश्चात सभी भक्तों को देर रात्रि तक प्रसाद वितरण किया गया।



