Azamgarh news :आलिया पब्लिक स्कूल में भव्य साइंस एवं आर्ट एग्ज़ीबिशन का आयोजन


रिपोर्टर नरेंद्र बहादुर राय
गोरिया बाजार आजमगढ़
बिलरियागंज बाजार स्थित आलिया पब्लिक स्कूल में साइंस और आर्ट एग्ज़ीबिशन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मक सोच और ज्ञान का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. शतीश चंद द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्कूल के मैनेजर डॉ. सोहैब अहमद, माज़ अहमद, उबैद अहमद तथा प्रिंसिपल नुशाबा मुनव्वर और डॉ. मोहम्मद हस्सान उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों ने बच्चों के बनाए हुए मॉडल देखे, उनसे प्रश्न पूछे और उनकी मेहनत की सराहना की।
नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की विशेष प्रस्तुति
नर्सरी के बच्चों ने अलग-अलग मौसम (Weather) पर सुंदर मॉडल बनाए।
एलकेजी के बच्चों ने जंगल थीम पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया और बताया कि जंगल हमारे लिए क्यों जरूरी है।
यूकेजी के बच्चों ने वैज्ञानिक, सोलर सिस्टम और कम्युनिटी हेल्पर्स के रूप में समाज में उनकी भूमिका को समझाया।
कुछ छोटे बच्चों ने “खरगोश और कछुआ”, “शेर और चूहा” तथा शहद बनाने की प्रक्रिया जैसे विषयों पर भी आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए।
साइंस सेक्शन की झलकियाँ
बच्चों ने ह्यूमन बॉडी, हार्ट, ब्रेन, आर्टरी सिस्टम, डीएनए और दाँतों पर मॉडल बनाए।
फिजिक्स में इंफिनिटी व्हील, रडार सिस्टम, सैटेलाइट कैसे काम करती है, एटम और न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसे विषय शामिल रहे।
चंद्रयान, अग्नि मिसाइल, पृथ्वी मिसाइल, सोलर सिस्टम, कन्स्टेलेशन और चाँद की अवस्थाओं के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
ईवीएस और सोशल साइंस
फूड पिरामिड के माध्यम से बच्चों ने हेल्दी फूड और जंक फूड का अंतर समझाया।
फोटोसिंथेसिस, फूड चेन और पौधों की वृद्धि पर भी मॉडल बनाए गए।
सोशल साइंस में इंडियन ज्यूडिशियल सिस्टम, इंडस वैली सिविलाइजेशन, पेट्रोलियम रिफाइनरी, ग्रीन एनर्जी, वाटर डैम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और क्लाइमेट कंट्रोल जैसे विषय शामिल रहे।
मैथ और लैंग्वेज सेक्शन
मैथ में ज्योमेट्रिकल शेप्स, पाइथागोरस थ्योरम, मैथ पार्क, पजल्स और शैक्षिक खेल प्रस्तुत किए गए।
मनी एक्सचेंज और बैंकिंग सिस्टम का मॉडल विशेष रूप से सराहा गया।
अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू तीनों भाषाओं में बच्चों ने व्याकरण और भाषा से जुड़े सुंदर मॉडल प्रस्तुत किए।
इस एग्ज़ीबिशन में 100 से अधिक मॉडल प्रदर्शित किए गए, जो बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन षका प्रमाण हैं।
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षिकाओं — कुलसुम फातिमा, अनीता जायसवाल, सदफ परवीन, शेबा खान, फानूस आरिफ, सारा अहमद, नबीला, अफीफा, फातिमा बानो, नाजरीन बानो और फरहीन जावेद — का विशेष योगदान रहा।
अंत में प्रिंसिपल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सीखने की भावना को बढ़ाते हैं।
यह प्रदर्शनी अभिभावकों और अतिथियों के लिए बहुत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुई।



