फॉर्म-7 पर घमासान के बीच यूपी CEO नवदीप रिणवा बोले- ‘पात्र मतदाता के नहीं कटेंगे नाम’

उत्तर प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नवदीप रिणवा गाजियाबाद में सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण किया, इस दौरान 400 से 500 बीएलओ से संवाद किया है. बीएलओ ने गणना चरण का अनुभव मुख्य निर्वाचन अधिकारी से साझा किया. इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले बीएलओं को सम्मानित किया गया. साथ ही बचे हुए कार्य कैसे पूरा जाए इसका टिप्स उन्होंने बीएलओ को दिए.
दरअसर, 3 करोड़ 26 लाख लोगों को नोटिस जारी की गई है, उनकी सुनवाई होनी है. खास बात यह है कि 50 लाख से ज्यादा मामलों में सुनवाई हो चुकी है. बीएलओ ने बताया चीफ इलेक्शन ऑफिसर को बताया कि हमें 27 मार्च तक का समय मिला है. साथ ही यह भी बताया कि जिस गति से गाजियाबाद में कार्य चल रहा है वह समय से पूरा कार्य हो जाएगा. यह भी कहा कि AERO की संख्या बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है.
किन मतदाताओं को भेजा जा रहा नोटिस?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दो तरह के वोटर को नोटिस जा रही है, एक वह जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में आया है और मैपिंग नहीं हुई है. दूसरा वह जिनकी मैपिंग हुई और कोई गलती रह गई. नो मैपिंग वालों को सुनवाई स्थल पर बुलाकर दस्तावेज लेकर उनकी वही अटेंडेंस लेकर और वहीं फोटो अपलोड हो रहा है. इसके अलावा जो दूसरी श्रेणी में हैं वह ना केवल आ सकते हैं, बल्कि बीएलओ उनके घर जाएंगे और वहां उनकी सुनवाई करेंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि इसके साथ-साथ ही बड़ा और महत्वपूर्ण काम जो हो रहा है दावा और आपत्ति की. यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन व शिफ्टिंग के लिए फॉर्म-8 भरे जा रहे हैं.
‘राजनीतिक दलों की मांग पर बढ़ाया गया एक माह का समय’
यह भी बताया कि, फॉर्म बड़ी संख्या में आ रहे हैं, इसके लिए पहले उत्तर प्रदेश में एक महीने का समय दिया था. मगर, यह पाया गया कि बहुत संख्या में बहुत फॉर्म आने लगे 5 फरवरी को 3.30 लाख फॉर्म आए थे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की यह मांग थी कि एक महीने और समय बढ़ाया जाए. इसी को लेकर समय बढ़ा दिया है.
‘बल्क में नहीं स्वीकार होंगे फॉर्म-7’
नवदीप रिणवा ने कहा कि, फार्म 7 के बारे में स्पष्ट निर्देश पहले से हैं उनको पुनः हमने रिट्रीट कर दिया है. सभी अधिकारियों को बता दिया है, मीडिया में भी बता दिया कि कहीं भी बल्क में फॉर्म 07 स्वीकार नहीं करेंगे. फॉर्म 07 की जो प्रक्रिया है उसमें मतदाता जो आपत्ति कर रहा है उसको अपना नाम लिखना है, अपना एक नंबर देना है, हस्ताक्षर करना है, एक जब भी फॉर्म साथ आ रहे हैं. इसकी पुष्टि कर लें कि जिस आदमी के हस्ताक्षर है, वह स्वीकार कर रहा है कि मेरे द्वारा दिया गया है.
‘पात्र मतदाताओं के नहीं काटे जाएंगे नाम’
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी के विरुद्ध फॉर्म 7 आ भी जाता है तो कोई घबराने की बात नहीं है. क्योंकि बिना उसे व्यक्ति को नोटिस दिए और उसको सुनवाई का मौका दिए बगैर नाम नहीं का जाएगा. किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा, ऐसी हमारी व्यवस्था है. उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर अधिकारियों, बीएलओ और सुपरवाइजर के साथ कोई हिंसा करता है या धमकी देता है उससे सख्ती से निपटा जाए.



