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कोंडागांव: मक्का प्लांट में किसानों का बवाल, केमिकल से फसल खराब होने पर तोड़फोड़, पुलिस से झड़प

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित ‘मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति’ (इथेनॉल प्लांट) में गुरुवार की देर शाम कोकोड़ी गांव के गुस्साए किसानों ने जमकर बवाल काटा. केमिकल युक्त पानी से फसलें खराब होने और प्रशासन द्वारा सुनवाई न किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने प्लांट में घुसकर न केवल मशीनों में तोड़फोड़ की, बल्कि वहां खड़ी कारों और ट्रैक्टरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि भीड़ को रोकने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

साल भर की अनदेखी बनी गुस्से की वजह ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक साल से इस प्लांट से निकलने वाला केमिकल युक्त जहरीला पानी उनके खेतों में छोड़ दिया जा रहा है. इससे सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो रही है. गांव के सरपंच मनसुख नेताम ने बताया कि इस दूषित पानी से गांव के तालाब जहरीले हो गए हैं, जिसका पानी पीने से कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है. ग्रामीणों ने कई बार प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली. सुनवाई न होने पर गुरुवार को किसानों का सब्र टूट गया.

प्लांट में घुसकर लाखों का नुकसान 

गुरुवार (12 फरवरी) देर शाम सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण प्लांट के गेट पर पहुंचे. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे झड़प हो गई. भीड़ इतनी उग्र थी कि पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा. इसके बाद ग्रामीणों ने प्लांट के अंदर घुसकर ऑफिस, कीमती मशीनों और परिसर में खड़े वाहनों (कार और ट्रैक्टर) में जमकर तोड़फोड़ की. अनुमान है कि इससे प्लांट प्रबंधन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.

150 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन वेस्ट मैनेजमेंट फेल 

बता दें कि करीब 2 साल पहले 150 करोड़ रुपये की लागत से कोकोड़ी में यह मक्का प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की गई थी. दावा था कि इससे 65 हजार किसानों को फायदा होगा और रोज 80 हजार लीटर इथेनॉल बनेगा. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इथेनॉल बनाने के बाद निकलने वाले कचरे और केमिकल के निपटारे (Waste Management) का कोई इंतजाम नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है.

गांव में तनाव, पुलिस छावनी में तब्दील इलाका

घटना की सूचना मिलते ही कोंडागांव एसपी और एसडीएम समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. रातभर ग्रामीणों ने प्लांट को घेरे रखा. फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और मामले की जांच का आश्वासन देकर शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन गांव में अभी भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.

AZMI DESK

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