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अमेरिका के टैरिफ घटते ही भदोही के कालीन कारोबार में लौटी रौनक, निर्यातकों ने PM मोदी को दिया श्रेय

अमेरिका द्वारा टैरिफ कम किए जाने पर उत्तर प्रदेश में भदोही के कालीन व्यवसायियों में खुशी की लहर है, यहां के निर्यातक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह को खूब बधाई दे रहे हैं. उनका कहना है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री ने धैर्य दिखाया, उसी का नतीजा है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने नीति में बदलाव लाते हुए टैरिफ को खत्म किया टैक्स में बदलाव कर उसे 18% किया और अब कुछ सेक्टर में 0% की बात चल रही है.

विश्व विख्यात काली नगरी के नाम से जाना जाने वाला शहर भदोही में लाखों बुनकर और निर्यातको में खुशी की लहर है. बीते दिनों जिस तरह से अमेरिका ने अचानक से टैक्स को बढ़ाते हुए 50% कर दिया जिसमें 25% पेनल्टी के तौर पर टैरिफ लगाया. उससे यहां का कालीन कारोबार चरमरा सा गया था, लेकिन कुछ महीने बाद नये साल 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने टोटल टैक्स को कम करते हुए उसे 18 प्रतिशत कर दिया और अब 0% करने की बात आ रही है. जिसको लेकर यहां के कालीन निर्यातकों का कहना है कि अकेले अमेरिका में 60% से 65% का निर्यात होता था लेकिन tax स्लैब में कटौती हुए पर हमारा कालीन का कारोबार फिर से फलने फूलने लगा है.

कालीन इंडस्ट्रीज में सकारात्मक माहौल

कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के उपाध्यक्ष और कालीन निर्यातक असलम महबूब ने कहा कि 18% होने के बाद हमारे कालीन इंद्रस्टी में पॉजिटिव माहौल हो गया था, लेकिन जीरो प्रतिशत की बात हो रही है तो और बढ़िया है. वैसे भी ETA यूरोपीय संघ में भारत के साथ डील में हमारे कालीन कारोबार को एक नई ऊर्जा मिली थी और अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ऐलान से सोने पर सुहागा हो गया है. हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम को बधाई देते हैं जिन्होंने इस सेक्टर को ध्यान में रखते हुए काम किया है. 

पीएम मोदी को निर्यातक दे रहे धन्यवाद

कालीन निर्यातक गुलाम हुसैन अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अगुवाई में जो काम हुआ वो वाकई मरते हुए इस उद्योग को फिर से जान आ गई है. हम लोग 1975 से कालीन का काम कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका टैरिफ से लाखों करोड़ों का नुकसान हुआ तो हुआ वहीं गांव गिराव में काम करने वाले हजारों मजदूर के घरों पर फिर से रौनक आ गई है.

कालीन निर्यातक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि हम लोग तीन जनरेशन से काम कर रहे हैं. जीरो परसेंट की बात तो हम बाद में कहेंगे जब वो लिखित में आयेगा, लेकिन जिस तरह से 18% टैक्स हुआ है, वो अलकल्पनीय है. इसके लिये हम प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देंगे. वरना यहां की सैकड़ों वर्ष पुरानी कालीन कारोबार ख़त्म होने के कगार पर था, लेकिन भारत सरकार के नेतृत्व में संजीवनी बूटी मिली है.

कई कंपनियों ने शुरू कर दी थी छंटनी

आल इंडिया कार्पेट मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के सचिव और कालीन निर्यातक पीयूष बरनवाल ने कहा कि यह समय खुशियों का है. इससे पहले हम सभी कालीन कारोबारियों के साथ-साथ इस व्यवसाय से जुड़े लाखों कामगार अंधकार में चले गये थे, और बहुत सी कम्पनियों ने तो छंटनी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत होने और अब जीरो स्लैब की बात से हम सभी लाखों लोगों को जड़ी बूटी मिल गई है.

जिस तरह से पूरी दुनिया में बवाल मचा हुआ है, उससे से निराशा ही लग रही थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पीयूष गोयल व् गिरिराज सिंह ने कहा था कि हम इसके लिए लगे हैं और जल्द ही कुछ अच्छे परिणाम आयेंगे और वो अब आ गया है. हम सभी लोग प्रधानमंत्री और उनकी टीम को साधुवाद और बधाई देते है.

AZMI DESK

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