आजमगढ़

आजमगढ़ में पुलिस-गोतस्कर मुठभेड़,एक बदमाश घायल गिरफ्तार, साथी फरार

अहरौला पुलिस की मुठभेड़ में 01 गोतस्कर घायल, 01 फरार

आजमगढ़ जनपद के थाना अहरौला क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश घायल होकर गिरफ्तार हुआ, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।दिनांक 07 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 02:40 बजे, थाना अहरौला पुलिस रात्रि गश्त, अपराध नियंत्रण एवं संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम तरकूलहा की ओर सहराजा मोड़ से निजामपुर की तरफ दो गोतस्कर गोवध की नीयत से जा रहे हैं।सूचना पर विश्वास करते हुए पुलिस द्वारा घेराबंदी की गई। ग्राम तरकूलहा के पास मोटरसाइकिल सवार बदमाशों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, किंतु बदमाशों ने पुनः फायरिंग का प्रयास किया।आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा, जबकि दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया।घायल अभियुक्त की पहचान जाकिर उर्फ शैफ पुत्र स्व. रफीक कुरैशी, निवासी कुरैशी टोला माहुल, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ (उम्र लगभग 38 वर्ष) के रूप में हुई है। अभियुक्त थाना अहरौला का हिस्ट्रीशीटर (HS-30A) है, जिसके विरुद्ध गोतस्करी, हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 08 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।घायल अभियुक्त से पूछताछ में फरार बदमाश का नाम दिलशाद उर्फ लालू पुत्र मुस्ताक, निवासी कस्बा माहुल, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ बताया गया है।घायल अभियुक्त को उपचार हेतु सीएचसी फूलपुर ले जाया गया, जहां से उसे सदर अस्पताल आजमगढ़ रेफर किया गया है। फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा निरीक्षण कर साक्ष्य संकलन किया गया। पूछताछ में घायल अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथी के साथ सुनियोजित तरीके से गोवध एवं गौ-तस्करी करता था। अभियुक्त देर रात सुनसान इलाकों में घूम रहे गोवंश को पकड़कर निर्जन स्थानों पर ले जाकर अवैध वध करता और मांस को ऊंचे दामों पर बेचता था। शेष अवशेषों को नदी, नालों में फेंक या जमीन में गाड़कर साक्ष्य नष्ट करता था। कुछ गोवंशों को बिहार सहित अन्य प्रांतों में अवैध रूप से बेचा जाता था।अभियुक्तों के विरुद्ध थाना अहरौला पर मु.अ.सं. 029/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

AZMI DESK

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