जयपुर: इंडिया स्टोन मार्ट का उद्घाटन, CM भजनलाल बोले, ‘राजस्थान के पत्थर दुनिया की पहली पसंद’

पिंक सिटी जयपुर में आज से देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित प्राकृतिक पत्थर उद्योग के महाकुंभ ‘इंडिया स्टोन मार्ट फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हुआ. अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. इस दौरान उद्योग जगत के दिग्गज, अंतरराष्ट्रीय निर्यातक, प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स और बिल्डर्स एक ही छत के नीचे एकत्रित हुए.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान प्राकृतिक संसाधनों के मामले में अत्यंत समृद्ध है. उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और देश के सर्वोच्च न्यायालय जैसी ऐतिहासिक इमारतों की मजबूती और सुंदरता में राजस्थान के पत्थरों का बड़ा योगदान है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के लगभग हर जिले की अपनी एक विशिष्ट पत्थर पहचान है और यहां कुल 85 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं.
सीतापुरा स्थित JECC में आयोजित ‘इंडिया स्टोन मार्ट 2026’ का उद्घाटन कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राजस्थान की धरा प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और हमारा लक्ष्य प्रदेश के स्टोन उद्योग को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।
यह आयोजन प्रदेश में नवाचार, आधुनिक तकनीक और… pic.twitter.com/fh193x5Hj1
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) February 5, 2026
वैश्विक बाजार और निवेश की अपार संभावनाएं
सीएम ने जोर देकर कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर एक बड़े बाजार और निवेश केंद्र के रूप में देख रही है. उन्होंने कहा, “संगमरमर (मार्बल) और सैंडस्टोन निवेश के लिए उभरते हुए क्षेत्र हैं. राजस्थान के पत्थरों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनका रखरखाव (मेंटेनेंस) बहुत कम है, जो इन्हें वैश्विक स्तर पर पहली पसंद बनाता है.”
इंडिया स्टोन मार्ट: व्यापार का अंतरराष्ट्रीय मंच
यह फेस्टिवल न केवल व्यापार को बढ़ावा देने का जरिया है, बल्कि इटली, तुर्की, चीन और ब्राजील जैसे देशों के खरीदारों व विक्रेताओं के लिए एक वैश्विक नेटवर्क भी है. उद्घाटन समारोह में विशेषज्ञों ने बताया कि मेले में स्टोन प्रोसेसिंग की अत्याधुनिक मशीनों और इको-फ्रेंडली तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है. इस मंच के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच मिल रही है. स्टोन इंडस्ट्री के विस्तार से प्रदेश में हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.
हजारों करोड़ के सौदों की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के दौरान बी2बी (B2B) मीटिंग्स और नेटवर्किंग के जरिए हजारों करोड़ रुपये के व्यापारिक सौदे होने की प्रबल संभावना है. इस बार का विशेष फोकस ‘सस्टेनेबिलिटी’ (टिकाऊ विकास) पर रखा गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ उद्योग को आगे बढ़ाया जा सके.



