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कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू? दादा की CM रहते हत्या, राहुल ने ‘गद्दार’ तो PM ने सिखों का अपमान कहा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कह दिया. इस पर भारी विवाद हो गया. गुरुवार को राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के इस बयान को सिखों का अपमान बताया. रवनीत सिंह बिट्टू मौजूदा वक्त में केंद्र सरकार में मंत्री हैं. मोदी की सरकार में वो रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बिट्टू अभी राज्यसभा के सदस्य हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ही वो बीजेपी में शामिल हुए थे. 

लोकसभा 2024 के चुनाव में रवनीत सिंह बिट्टू को बीजेपी ने लुधियाना से टिकट दिया था लेकिन उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वरार से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद राजस्थान से उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया. बीजेपी में आने से पहले वो कांग्रेस में थे. वो पहले 2014 और 2019 में लुधियाना लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके थे. 2009 के लोकसभा चुनाव में आनंदपुर साहिब से कांग्रेस से सांसद बने थे.

रवनीत सिंह बिट्टू ने राहल गांधी को घेरा

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बुधवार (04 फरवरी) को आरोप लगाया कि राहुल गांधी उनके ऊपर शारीरिक रूप से हमला करने वाले थे. आज तो कोई गली का गुंडा भी ऐसा नहीं करेगा जैसा राहुल गांधी ने किया.”

रवनीत सिंह बिट्टू के दादा की CM रहते हुई थी हत्या

रवनीत सिंह बिट्टू के दादा बेअंत सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके थे. 31 अगस्त 1995 को बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी. अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सेक्रेटेरिएट कॉम्प्लेक्स में बम ब्लास्ट हुआ था, इसमें बेअंत सिंह की मौत हो गई थी. खालिस्तान समर्थक संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दिलावर सिंह बब्बर ने मानव बम के तौर पर काम किया था. कहा जाता है कि सीएम रहते हुए बेअंत सिंह ने खालिस्तानी उग्रवाद को कुचलने के लिए सख्त कदम उठाए थे, जिससे अलगाववादी संगठनों में उनके खिलाफ गहरी नाराजगी थी.

AZMI DESK

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