उत्तराखंड में लखपति दीदी योजना से बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, धामी सरकारी की हो रही तारीफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम चेंजर के रूप में सामने आई है. इस योजना के तहत अब तक ढाई लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक तस्वीर बदली है.
लखपति दीदी योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी. योजना का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत अगले दो वर्षों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पांच लाख से अधिक महिलाओं की सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है. वर्तमान में राज्य में 5 लाख 7 हजार महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित करने की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है.
योजना के अंतर्गत महिलाओं को कृषि और उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, रसोई गैस वितरण, प्रारंभिक पशु चिकित्सा सेवाएं, बीमा योजनाएं और डिजिटल लेन-देन जैसे विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 2 लाख 54 हजार महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है. मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही सरकार ने 1 लाख 20 हजार महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके सापेक्ष तीसरी तिमाही के अंत तक 91 हजार 445 महिलाओं ने यह मुकाम हासिल कर लिया है. ये महिलाएं प्रदेशभर में गठित 68 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं.
धामी सरकार ने अगस्त 2023 से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की थी लागू
महिला सशक्तिकरण को और मजबूती देने के लिए धामी सरकार ने अगस्त 2023 से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना भी लागू की है. इस योजना का उद्देश्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है. वर्तमान में इस योजना से 35 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं और अब तक महिला स्वयं सहायता समूहों ने 9 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया है. इससे महिला उद्यमियों को न केवल बाजार मिला है, बल्कि उनके उत्पादों को पहचान भी प्राप्त हुई है.
महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो सकें. इसी क्रम में पेयजल आपूर्ति जैसी सेवाओं में भी महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री के अनुसार, लखपति दीदी योजना महिलाओं की आर्थिक स्थित सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है. लखपति दीदी और सशक्त बहना उत्सव जैसी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाएं अब केवल परिवार तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनकर उभर रही हैं.



