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रोहतास: सोन पुल में खराबी से NH-19 पर 25 किलोमीटर लंबा जाम, 48 घंटे से भूखे-प्यासे यात्री

रोहतास के सोन पुल में खराबी की वजह से दिल्ली-कोलकाता हाईवे (एनएच-19) पर बीते दो दिनों से भीषण जाम लगा हुआ है. यह जाम अब वाहन चालकों और यात्रियों के लिए गंभीर संकट बन चुका है. रोहतास जिले में जाम की स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि हाईवे के दोनों ओर लगभग 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं.

ट्रक, बस, कार और अन्य भारी वाहनों के पहिए पूरी तरह थम से गए हैं. हालात यह हैं कि चंद किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का वक्त लग रहा है, जबकि जाम में फंसे लोग पिछले 48 घंटों से भूखे-प्यासे बेहाल हैं.

जाम में फंसे वाहन चालक क्या बोले?

हाईवे पर फंसे वाहन चालकों का कहना है कि जाम सुबह से नहीं, बल्कि दिन-रात बना हुआ है. ट्रक चालक लखन, जो सुबह करीब पांच बजे से एनएच-19 पर फंसे हैं, बताते हैं कि स्थिति बेहद डरावनी है. आसपास कहीं भोजन या पानी की व्यवस्था नहीं है. 

उन्होंने बताया कि ट्रकों में मौजूद राशन खत्म हो चुका है और बच्चों व बुजुर्ग यात्रियों की हालत और भी खराब हो रही है. कई वाहन चालकों ने बताया कि पेट्रोल-डीजल खत्म होने की कगार पर है, जिससे आगे और परेशानी बढ़ने की आशंका है.

पर्यटन पर पड़ा भीषण जाम का असर

इस जाम का असर सिर्फ आम यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन पर भी पड़ा है. बनारस से विदेशी पर्यटकों को लेकर गयाजी जा रहे एक वाहन चालक ने बताया कि वे पर्यटकों को बराबर पहाड़ियों और बोधगया क्षेत्र का भ्रमण कराने जा रहे थे, लेकिन जाम के कारण आधा दिन रास्ते में ही बीत गया. 

अब कार्यक्रम बिगड़ चुका है और उन्हें अगले दिन का इंतजार करना पड़ेगा. इससे पर्यटकों में भी निराशा देखी जा रही है. जाम को लेकर ट्रक चालकों और यात्रियों में प्रशासन तथा निर्माण एजेंसियों के प्रति भारी आक्रोश है. 

जाम में फंसे यात्रियों का क्या कहना है?

लोगों का कहना है कि एनएच-19 पर जाम अब नियति बन चुका है. कभी सिक्स लेन निर्माण कार्य तो कभी टोल प्लाजा की अव्यवस्था के कारण लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ता है. यात्रियों का आरोप है कि जाम के दौरान न तो पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था होती है और न ही किसी तरह की राहत टीम मौके पर पहुंचती है, जिससे संकट और गहरा जाता है.

इस महाजाम की मार परीक्षार्थियों पर भी पड़ी है. इंटरमीडिएट परीक्षा दे रहे कई छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. सोमवार (2 फरवरी) को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कई परीक्षार्थी देरी से पहुंचे, जिन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा. परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने इसके लिए सीधे तौर पर सड़क जाम को जिम्मेदार ठहराया है और प्रशासन से मुआवजे व पुनर्परीक्षा की मांग की है.

सोन नदी पर बने नए पुल में आई खराबी

इस बार जाम की मुख्य वजह सिक्स लेन निर्माण या टोल प्लाजा नहीं, बल्कि सोन नदी पर बने नए पुल में आई तकनीकी खराबी बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2004 के आसपास बने सोन नदी के नए पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में खराबी आ गई है.

सुरक्षा कारणों से पुल के एक हिस्से को बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरे पुल से वाहनों का परिचालन धीमी गति से किया जा रहा है. वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण जाम विकराल रूप ले चुका है.

मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने क्या कहा?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत कुमार वर्मा ने बताया कि सोन नदी के पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में आई खराबी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. उन्होंने कहा कि पुराने पुल से वाहनों का परिचालन जारी है, लेकिन अत्यधिक दबाव के कारण जाम बना हुआ है. 

एनएचएआई की ओर से मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है और मंगलवार (3 फरवरी) तक काम पूरा कर लेने का दावा किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत पूरी होते ही यातायात सामान्य हो जाएगा और लोगों को इस भीषण जाम से राहत मिलेगी.

AZMI DESK

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