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तेजस फाइटर जेट की डिलीवरी में देरी के बीच HAL को मिला नया CMD, सामने होंगी ये चुनौतियां

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लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस फाइटर जेट बनाने वाली सरकारी एविएशन कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नए सीएमडी के नाम की घोषणा कर दी गई है. सरकार ने HAL के ऑपरेशन्स डायरेक्टर रवि के. को नया चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. LCA-मैन रवि को ये जिम्मेदारी तब सौंपी जा रही है, जब HAL को एलसीए प्रोजेक्ट में हो रही देरी की मार झेलनी पड़ रही है और सरकारी उपक्रम अब सिविल एविशन में हाथ आजमाने की तैयारी में है.

मौजूदा सीएमडी डीके सुनील इस साल 30 अप्रैल, 2026 को रिटायर हो रहे हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद रवि HAL का पदभार संभालेंगे. मैकेनिकल इंजीनियरिंग और IIM (अहमदाबाद) के साथ फ्रांस से उच्च शिक्षा लेने वाले रवि पिछले 30 सालों से एविएशन सेक्टर में है.

तेजस की IAF की फाइटिंग स्क्वाड्रन में अहम भूमिका

ऑपरेशन्स डायरेक्टर के तौर पर रवि पर HAL की स्ट्रेटेजिक और फंक्शनल प्लानिंग की जिम्मेदारी है. इसके अलावा, एचएएल की क्षमताओं को विकसित करना और कंपनी की ओर से निर्मित एयरक्राफ्ट का स्वदेशीकरण शामिल है. एचएएल की ओर से निर्मित, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए)-तेजस को भारतीय वायुसेना की फाइटिंग स्क्वाड्रन में शामिल करने में रवि की अहम भूमिका थी.

किन-किन कार्यों में रवि की है महत्वपूर्ण भूमिका?

हाल के सालों में रक्षा मंत्रालय की ओर से वायुसेना के लिए LCA-मार्क 1ए के दो बड़े करार में भी रवि ने महत्वपूर्ण रोल निभाया था, इसमें पहला साल 2021 में 36 हजार करोड़ के 83 मार्क-1ए और दूसरा पिछले साल 2025 में 97 लड़ाकू विमानों का करार शामिल है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में LCA तेजस फाइटर जेट, वायुसेना के ऑपरेशन्स की रीढ़ की हड्डी साबित होंगे.

रवि ने HAL की उन फैसिलिटी के स्थापना में भी अहम योगदान दिया, जिससे हर साल 16 एलसीए फाइटर जेट का उत्पादन किया जा सके. एचएएल के अलावा, सरकार ने रवि को वायुसेना के महत्वकांक्षी मल्टी रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MRTA) प्रोजेक्ट में भी (नोमेनी) डायरेक्टर नियुक्त किया है.

US के नहीं आ रहे विमान के इंजन, निर्माण में हो रही देरी

रवि को अपने कार्यकाल में एलसीए तेजस प्रोजेक्ट में आ रही देरी से जूझना पड़ सकता है. क्योंकि स्वदेशी लड़ाकू विमान के लिए अमेरिका से मिलने वाले एविएशन इंजन (एफ-404) में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका से तल्ख संबंध, इस देरी का कारण माना जा रहा है. यही वजह है कि सरकार ने वायुसेना के लिए फ्रांस की मदद से बनने वाले 114 मेक इन इंडिया रफाल (राफेल) को मंजूरी दे दी है. 

उल्लेखनीय है कि हाल में एचएएल ने सिविल एविएशन में कदम रखा है. हैदराबाद में चल रही 28 से 31 जनवरी तक चलने वाली विंग्स इंडिया प्रदर्शनी में HAL ने रूस के साथ मिलकर बनाए जाने वाले एसजे-100 प्लेन, हिंदुस्तान-228 एयरक्राफ्ट और ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर को प्रदर्शित किया है.

AZMI DESK

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