हरियाणा: यमुनानगर में महिला के पेट में छोड़ी सर्जिकल पट्टी, 5 डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज

हरियाणा के यमुनानगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डिलीवरी के दौरान एक महिला के पेट में सर्जिकल पट्टी छूट जाने के आरोप में पांच डॉक्टरों पर मामला दर्ज किया गया है. हैरानी की बात यह है कि पीड़ित परिवार को करीब दस महीने बाद न्याय मिला.
इस पूरे मामले ने निजी अस्पतालों की लापरवाही और मेडिकल सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला यमुनानगर के एक निजी अस्पताल का है. पीड़िता का 13 मार्च 2025 को सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था. आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से महिला के पेट में सर्जिकल पट्टी छूट गई.
ऑपरेशन के बाद महिला की लगातार बिगड़ी तबीयत
ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर ने इसे सामान्य बताकर परिवार को लगातार गुमराह किया. परिवार का आरोप है कि जब महिला की हालत और ज्यादा खराब हुई, तब मजबूरी में सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें पेट के अंदर पट्टी होने का खुलासा हुआ. इसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं.
आरोप है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट्स में भी सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई, ताकि लापरवाह डॉक्टरों को बचाया जा सके. मामले की गंभीरता को देखते हुए जगाधरी एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम का गठन किया गया. जांच रिपोर्ट के आधार पर अब पांच डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. यह मामला कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की कष्ट निवारण समिति में भी उठाया गया था, जिसके बाद कार्रवाई तेज हुई.
केस दर्ज होने से संतुष्ट नहीं है पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार अब सिर्फ केस दर्ज होने से संतुष्ट नहीं है. परिवार की मांग है कि सभी दोषी डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी लापरवाही का शिकार न होना पड़े.
जगाधरी सिटी थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि हमने पांच डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आगामी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है. सवाल ये है कि क्या पीड़िता को पूरी तरह इंसाफ मिलेगा, या फिर ये मामला भी वक्त के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा.
Input By : परवेज



