Budget Session 2026 Live: संसद का बजट सत्र आज से शुरू, MGNREGA समेत इन मुद्दों पर केंद्र को घेरने की तैयारी में विपक्ष

संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है. सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों को संबोधित करने से होगी. इस बार बजट सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बजट के साथ-साथ कई राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं. विपक्ष पहले ही सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है.
दो चरणों में चलेगा बजट सत्र
बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाएगा. पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा. इन हफ्तों के दौरान संसद में कई अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को साल 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. बजट से पहले 31 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे. यह बैठक हर साल बजट से पहले होती है, ताकि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके.
विपक्ष ने कसी कमर
जहां सरकार बजट की तैयारियों में जुटी है, वहीं विपक्ष ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है. विपक्षी दलों का कहना है कि वे सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कई बड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे.
MGNREGA और SIR पर सरकार को घेरने की तैयारी
पीटीआई के मुताबिक, विपक्ष मनरेगा (MGNREGA), स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा. ये मुद्दे सत्र के दौरान बहस के केंद्र में रह सकते हैं.
सोनिया गांधी के घर कांग्रेस की रणनीति बैठक
मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की रणनीति समूह की बैठक सोनिया गांधी के आवास पर हुई. बैठक में बजट सत्र के लिए पार्टी की प्राथमिकताएं तय की गईं. इसमें VB G RAM एक्ट और SIR प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
MGNREGA होगा कांग्रेस का मुख्य मुद्दा
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया कि मनरेगा विपक्ष का मुख्य मुद्दा रहेगा. इसके अलावा पर्यावरण, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और विदेश नीति से जुड़े सवाल भी संसद में उठाए जाएंगे.
राहुल गांधी और खड़गे रहे मौजूद
इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए. खड़गे ने बुधवार को बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी दलों की एक और बैठक बुलाई है, ताकि संसद में एकजुट होकर सरकार को घेरा जा सके.



