UGC पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, ‘देश में न अगड़ा हो न पिछड़ा हम सब सिर्फ…’

यूजीसी के नए नियम को लेकर मचे बवाल के बीच इस पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भी बयान सामने आया है. उन्होंने देश में सामाजिक समानता और एकता का आह्वान किया है. मुंबई के भिवंडी में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यूजीसी (समान नागरिक संहिता/UCC) और राष्ट्रीय अखंडता जैसे विषयों पर मंच से अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की शक्ति उसके जुड़ाव में है, बंटवारे में नहीं.
संबोधन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि देश में ऐसी नीतियों और कानूनों की आवश्यकता है जो नागरिकों को जोड़ने का काम करें. उन्होंने कहा, “भारत सरकार को भारतीयों को बांटने वाली व्यवस्थाओं के बजाय जोड़ने वाली व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए. देश में किसी भी स्तर पर असमानता नहीं होनी चाहिए; केवल ‘सामान्यता’ ही हमारी पहचान होनी चाहिए.”
अगड़े-पिछड़े के भेदभाव पर कड़ा प्रहार
जातिगत और सामाजिक भेदभाव पर प्रहार करते हुए कथावाचक ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब हमें इन सीमाओं से ऊपर उठना होगा. उन्होंने कहा, “भारत में न कोई अगड़ा होना चाहिए और न कोई पिछड़ा. यहाँ केवल एक ही भाव सर्वोपरि होना चाहिए और वह है ‘भारतीय’ होने का भाव. जब तक हम जातियों में बंटते रहेंगे, देश की एकता प्रभावित होती रहेगी.”
राष्ट्रधर्म और हिंदू एकता का आह्वान
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में हिंदू एकता पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा, “हम सब एक हैं और हम सब हिंदू भाई-भाई हैं. देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना ही हमारा सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म है.” उनके इस बयान को आगामी सामाजिक और राजनीतिक विमर्श के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया.
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में समान नागरिक संहिता और सामाजिक न्याय को लेकर लंबी बहस जारी है. भिवंडी जैसे संवेदनशील इलाके से समानता और अखंडता की बात कर उन्होंने सामाजिक सद्भाव का संदेश देने की कोशिश की है.



