पलामू: थाने में वर्दी पहन पत्नी संग रील बनाना इंस्पेक्टर को पड़ा भारी, जांच के बाद गिरेगी गाज

झारखंड के पलामू जिले में एक थाना प्रभारी द्वारा अनुशासन की लक्ष्मण रेखा लांघने का मामला सामने आया है. हुसैनाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनू चौधरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अपनी पत्नी के साथ बनाई गई एक ‘फिल्मी रील’ को लेकर विवादों में घिर गए हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अब इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
मामला 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) का है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि इंस्पेक्टर सोनू चौधरी पुलिस की वर्दी पहनकर थाना परिसर में ही अपनी पत्नी के साथ डांस कर रहे हैं. रील को और अधिक ‘फिल्मी’ बनाने के चक्कर में उनकी पत्नी भी पुलिस की आधिकारिक टोपी (Cap) पहने हुए नजर आ रही हैं. बैकग्राउंड म्यूजिक और डांस स्टेप्स के साथ बनाई गई यह रील जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुई, लोगों ने पुलिस की गंभीरता और अनुशासन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
IPS अधिकारी के नेतृत्व में जांच के आदेश
वीडियो का संज्ञान लेते हुए पलामू पुलिस अधीक्षक (SP) रीष्मा रमेशन ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हुसैनाबाद के एसडीपीओ मोहम्मद याकूब (IPS) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है. जांच टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि ड्यूटी के दौरान सरकारी परिसर और वर्दी का निजी मनोरंजन के लिए उपयोग करना पुलिस नियमावली के किन-किन प्रावधानों का उल्लंघन है.
एसपी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पुलिस विभाग की छवि और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने पुष्टि की कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर सोनू चौधरी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
जानकारों का मानना है कि पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया पॉलिसी पहले से ही निर्धारित है, जिसमें वर्दी पहनकर रील बनाने या सरकारी संसाधनों का निजी प्रचार के लिए उपयोग करने पर सख्त पाबंदी है. अब देखना यह होगा कि जांच के बाद इंस्पेक्टर पर निलंबन की गाज गिरती है या उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है.



