‘मैंने सीना ठोककर महाराष्ट्र में कराया सत्ता परिवर्तन’, एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर हमला

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार (27 जनवरी) को शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के स्वाभिमान और विचारों को छोड़ने वालों को सबक सिखाने के लिए ही मैंने सीना ठोककर राज्य में सत्ता परिवर्तन कराया और महाराष्ट्र में बालासाहेब के विचारों वाली सरकार बनाई. उन्होंने कहा कि आम आदमी, मेहनतकश, किसान, महिलाओं और गरीबों के लिए लगातार काम करने के कारण ही विपक्ष के पेट में मरोड़ उठ रही है.
केलघर में जनसभा को किया संबोधित
सातारा जिले के केलघर-मेढा में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की पृष्ठभूमि में आयोजित जनसभा में वे बोल रहे थे. इस सभा में ‘लाड़की बहनों’ सहित हजारों नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कम समय में इतनी बड़ी भीड़ जुटने पर शिंदे ने उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया.
महायुति की शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील करते हुए शिंदे ने कहा, “यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि विकास, स्वाभिमान और बालासाहेब के विचारों का है.”
बेरोजगार युवाओं को लेकर क्या कहा?
शिंदे ने दृढ़ता से कहा कि नौकरी और रोजगार के लिए युवाओं का मुंबई, पुणे, ठाणे, वसई, नालासोपारा जैसे शहरों की ओर होने वाला पलायन रोकने के लिए उनके हाथों को काम देने का संकल्प मैंने लिया है.
‘इसी धरती पर रोजगार पैदा करेंगे यह मेरी गारंटी है’
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बोंडारवाड़ी बांध किसी भी हालत में पूरा होगा. जो भी आड़े आएगा, मैं देख लूंगा. एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि इस बांध से पर्यटन को बड़ी गति मिलेगी और जिले में हजारों रोजगार पैदा होंगे.
उन्होंने कहा कि लाड़की बहन योजना को फर्जी और चुनावी जुमला कहने वाले कोर्ट गए और फटकार खा गए. लेकिन मैं वादा करता हूं यह योजना कभी बंद नहीं होगी. हर महीने मेरी लाड़की बहनों के खातों में पैसे जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि 15,000 हों या 21,000 रुपये हम दिया हुआ वादा पूरा करेंगे. सही समय पर सही फैसला होगा.
विधानसभा चुनावों को लेकर क्या बोला?
एकनाथ शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि महिलाओं ने विधानसभा में विपक्ष को उसकी औकात दिखा दी. 232 विधायक चुने गए महाराष्ट्र के इतिहास में यह चमत्कार है. विपक्ष को नेता प्रतिपक्ष तक नहीं मिल पाया. एक छात्रा की आत्महत्या की घटना के बाद सरकार द्वारा 100 प्रतिशत शिक्षा शुल्क माफ करने के निर्णय की याद दिलाते हुए शिंदे ने कहा, “अगर सरकार आम जनता के लिए नहीं है, तो उसका क्या उपयोग?”
उन्होंने बताया कि किसान सम्मान योजना में केंद्र सरकार के 6,000 रुपये के अलावा राज्य सरकार ने भी 6,000 रुपये देने का फैसला किया है. अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने का काम भी सरकार कर रही है.
सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में 180 योजनाएं मंजूर
डिप्टी सीएम ने दावा करते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में केवल चार सिंचाई परियोजनाएं मंजूर हुईं, जबकि शिंदे सरकार ने महज ढाई साल में 180 परियोजनाएं मंजूर की गई. उन्होंने बताया कि महाबलेश्वर, तापोला, केलघर, मेढा, प्रतापगढ़ क्षेत्र में नई सड़कों, पुलों और पर्यटन मार्गों का विकास किया जा रहा है.
डिप्टी सीएम ने प्रतापगढ़ के विकास के लिए 27 करोड़ रुपये मंजूर किए जाने की घोषणा भी की. उन्होंने आगे कहा कि केलघर-मेढा, जावली घाटी और प्रतापगढ़ क्षेत्र में इको-टूरिज्म, एग्रो-टूरिज्म, होम-स्टे, फार्म-स्टे और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का सरकार का संकल्प है.
सातारा में 100 बिस्तरों वाले स्वतंत्र महिला अस्पताल की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि महिला बचत समूहों के लिए ‘उमेद मॉल’ भी बनाया जा रहा है. पापड़, अचार, बांस उत्पाद जैसे ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग कर महिलाओं को उद्यमी बनाने का सरकार का प्रयास है.
मैं हमेशा आपके साथ हूं- एकनाथ शिंदे
एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं सिर्फ चुनावी नेता नहीं हूं. मैं हमेशा आपके साथ हूं. जो वादा करता हूं, वह निभाता हूं. बालासाहेब और आनंद दिघे ने मुझे यही सिखाया है. उन्होंने भाषण का समापन करते हुए लोगों से आह्वान किया कि पांच तारीख को धनुष-बाण और महायुति के निशान पर बटन दबाएं. आपका वोट विकास के लिए वोट है, आपका वोट लाड़की बहनों के सम्मान के लिए वोट है.
कार्यक्रम के दौरान यह लोग मौजूद रहे
इस अवसर पर पूर्व विधायक दगडूदादा सकपाल, अंकुश कदम, सातारा संपर्क प्रमुख शरद कणसे, पूर्व सभापति बापुराव पार्ते, एकनाथ ओंबले, सविता ओंबले, संदीप पवार, अतिश कदम, विठ्ठल गोले, शिल्पा शिंदे, शशिकांत शिंदे, रेश्मा जगताप सहित सभी नगरपालिकाओं के नवनिर्वाचित नगरसेवक, शिवसेना और राष्ट्रवादी महायुति के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, उम्मीदवार और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे.



