रामनगर के फाटो टूरिज्म जोन में टाइगर साइटिंग के नाम पर जिप्सियों की रेस, सुरक्षा पर उठे सवाल

रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग अंतर्गत फाटो टूरिज्म जोन में टाइगर साइटिंग के दौरान लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. हाल के दिनों में फांटो क्षेत्र में लगातार बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है. इसी भीड़ और रोमांच की होड़ के बीच कुछ जिप्सी चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए टाइगर की ओर जिप्सियों को दौड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
फाटो टूरिज्म जोन कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला और झिरना रेंज के बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है. यह क्षेत्र बाघों के मूवमेंट का अहम कॉरिडोर माना जाता है, जहां बाघ अक्सर एक रेंज से दूसरी रेंज की ओर आते-जाते रहते हैं. ऐसे संवेदनशील इलाके में वाहनों की तेज रफ्तार न केवल बाघों के लिए खतरा है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा को भी जोखिम में डाल देती है.
वन विभाग के दिशा-निर्देशों के विपरीत हो रहा कार्य
बताया जा रहा है कि टाइगर को नजदीक से दिखाने की होड़ में कुछ जिप्सी चालक जानबूझकर गाड़ी को बाघ की दिशा में तेजी से ले जाते हैं, ताकि पर्यटकों को रोमांचक अनुभव मिल सके. लेकिन इस तरह की हरकतें वन्यजीव पर्यटन के मूल उद्देश्य और वन विभाग के दिशा-निर्देशों के बिल्कुल विपरीत हैं.
दो गाइड पर लगा अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध
इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है. तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ के अनुसार, जांच के बाद दो जिप्सियों, उनके ड्राइवरों और दो गाइड पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया गया है. विभाग का साफ कहना है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि टाइगर साइटिंग एक सौभाग्य हो सकता है, लेकिन इसके लिए नियमों की अनदेखी करना न तो सही है और न ही सुरक्षित. बाघों की शांति, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पर्यटकों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है. इस कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि आगे कोई भी रोमांच के नाम पर वन्यजीवों और इंसानों की सुरक्षा से खिलवाड़ न कर सके.



