कवि कुमार विश्वास ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से क्यों मांगी क्षमा? प्रशासन को दी ये सलाह

शंकराचार्य विवाद पर प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास का रिएक्शन आया है, कुमार विश्वास ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर प्रशासन को संतों के प्रति मर्यादित और संवेदनशील रहने की सलाह दी है. वहीं, दूसरी ओर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के हिंदी विरोधी रुख पर गहरा दुख प्रकट किया है. कुमार विश्वास ने कहा कि भाषाएं संवाद का माध्यम हैं, विरोध का नहीं. कुमार विश्वास ने उक्त बातें मुरादाबाद दौरे में कही है.
कुमार विश्वास ने कहा, “सामान्य आस्तिक होने के नाते वे पूज्य शंकराचार्य जी के प्रति केवल श्रद्धा रखते हैं और किसी भी पक्ष द्वारा की गई भूल के लिए क्षमा प्रार्थी हैं. शंकराचार्य विवाद पर गहराई से बात करते हुए कुमार विश्वास ने दो प्रमुख पक्षों को रेखांकित किया.
शंकराचार्य से सभी पर आशीर्वाद बनाए रखने का आग्रह
कुमार विश्वास ने कहा कि प्रशासन को भगवाधारी संतों और धर्म-संस्कृति के रक्षकों से संवाद करते समय अपनी मर्यादा और जिम्मेदारी का विस्मरण नहीं करना चाहिए, कुमार विश्वास ने सात्विक क्रोध को त्यागने की प्रार्थना करते हुए शंकराचार्य जी से सभी पर आशीर्वाद बनाए रखने का आग्रह किया.
एम.के. स्टालिन के बयान को बताया क्षोभजनक
इसके, भाषा विवाद पर कुमार विश्वास ने कहा एम.के. स्टालिन के बयानों को ‘क्षोभजनक’ बताया, कुमार विश्वास ने तर्क दिया कि जिनके पिता का नाम ‘करुणानिधि’ (राम का पर्यायवाची) हो, उनके द्वारा राम की भाषा (हिंदी) का विरोध करना विरोधाभासी है, उन्होंने दक्षिण भारतीय भाषाओं की समृद्धि की सराहना करते हुए उत्तर भारतीयों से भी सुब्रमण्यम भारती और तिरुवल्लुवर जैसे विद्वानों को पढ़ने का आह्वान किया ताकि भाषाई खाई को पाटा जा सके.
अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे कम्प्युटर बाबा
उधर, कम्प्युटर बाबा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे हैं. कम्प्युटर बाबा ने कहा, “पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री अभिमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के सम्मान एवं सनातन धर्म की मर्यादा की रक्षा हेतु, प्रशासन द्वारा की गई दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई के विरोध में संत समाज द्वारा कल (27 जनवरी से) धूनी हवन एवं तपस्या का आयोजन किया जाएगा.”



