अखिलेश यादव और CM योगी के बीच शिक्षा व्यवस्था पर जुबानी जंग, केशव प्रसाद मौर्य ने साधी चुप्पी

प्रयागराज में गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश की राजनीति में चल रही बयानबाजी के बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधे हमला करने से फिलहाल परहेज किया. शिक्षा व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच चल रही जुबानी जंग पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आज गणतंत्र दिवस है, इसलिए वे कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करेंगे. हालांकि उन्होंने अखिलेश यादव को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा, आज छोड़ दे रहा हूं, हमला करना होगा तो कल करूंगा.
इस दौरान डिप्टी सीएम ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम करते हैं और उनसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि वे त्रिवेणी संगम में स्नान करें. डिप्टी सीएम ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले बड़ी संख्या में लोग शंकराचार्य के गंगा स्नान का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे लगातार प्रार्थना कर रहे हैं, लेकिन अपील मानना या न मानना शंकराचार्य का अधिकार है.
माघ मेले में अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने जाने के सवाल पर डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि फिलहाल वे उनसे मिलने नहीं जा रहे हैं. इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की सक्रियता पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता ढोंग और घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं. उनके मुताबिक ऐसे लोग संतों, हिंदुओं, राम भक्तों और भारतीय संस्कृति के हितैषी नहीं हैं.
डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्षी दल अगर यह सोच रहे हैं कि इस तरह के धार्मिक या भावनात्मक मुद्दों से उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा तो यह उनकी गलतफहमी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के नेता टकटकी लगाए रह जाएंगे, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला. उनके अनुसार विपक्ष अपनी सीमित समझ के अनुसार काम कर रहा है पर वास्तविकता में इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा.



