बाराबंकी: MBBS इंटर्न को वार्डेन और मेस कर्मियों ने बेरहमी से पीटा, मौके पर भारी पुलिस, जानें मामला

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले का मेयो मेडिकल कॉलेज (बोधिसत्व यूनिवर्सिटी) MBBS के इंटर्नशिप कर रहे डाक्टरों की पिटाई से ये कालेज सुर्खियों में आ गया है. शुक्रवार को कॉलेज परिसर उस समय अखाड़ा बन गया, जब हॉस्टल की बदहाली और घटिया खाने की शिकायत लेकर पहुंचे एमबीबीएस के एक छात्र को चीफ वार्डन और उनके साथियों ने लोहे की रॉड और डंडों से कालेज परिसर में जमकर पीटा. इस मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इंटर्नशिप कर रहे सैकड़ों MBBS डाक्टरों छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने यूनिवर्सिटी के आरोपी वार्डन और उनके साथियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
पीड़ित इंटर्नशिप कर रहे MBBS डाक्टरों के अनुसार शुक्रवार सुबह एक पीड़ित छात्र अपनी समस्याओं को लेकर चीफ वार्डन के पास गया था. आरोप है कि समस्या सुलझाने के बजाय वार्डन ने अभद्रता शुरू कर दी और देखते ही देखते अपने साथियों के साथ मिलकर छात्र पर हमला बोल दिया. लाठी-डंडों से लैस वार्डन और उसके सहयोगियों ने छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. बीच-बचाव करने आए अन्य छात्रों को भी गालियां दी गईं और अंजाम भुगतने की धमकी दी गई.
यूनिवर्सिटी प्रबंधन सवालों के घेरे में
दो घंटे तक चले भारी हंगामे के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. छात्रों का कहना है कि बोधिसत्वा यूनिवर्सिटी जैसे निजी मेडिकल कॉलेज में लाखों करोड़ों रुपये की मोटी फीस वसूली जाती है, लेकिन इसके बदले में न तो हॉस्टल में रहने लायक सुविधाएं हैं और न ही मेस में पौष्टिक खाना दिया जाता है. जब भी छात्र अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें प्रबंधन द्वारा डराया-धमकाया जाता है. छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में संवाद के बजाय दबंगई पर लोग उतारू हो जाते हैं.
पहले भी मिल चुकीं शिकायतें
यह पहला मौका नहीं है जब इस प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपनी अव्यवस्थाओं के लिए चर्चा में आया है. पिछले साल भी यह संस्थान तब सुर्खियों में था जब महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) की जांच में यहां के प्रबंधन को छात्रों से अवैध वसूली और अवैध निलंबन का दोषी पाया गया था. 2025 में एक छात्रा के उत्पीड़न और सरकारी नियमों से अधिक फीस वसूलने की शिकायत सही पाई गई थी. 2021-22 में भी छात्रों ने लाखों रुपये का जुर्माना (Penalty) थोपने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के विरोध में धरना दिया गया था. वहीं संस्थान पर पूर्व में डॉक्टरों के वेतन काटने और कोविड काल के दौरान लापरवाही के भी गंभीर आरोप लग चुके हैं.
वार्डन हटाने का आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस समेत कई थानों की फोर्स और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कॉलेज की डायरेक्टर मधुरिका सिंह ने लाउडस्पीकर से छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि विवादित चीफ वार्डन को हटाया जा रहा है और नया वार्डन नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कॉलेज से बर्खास्त किया जाएगा.
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया जा रहा है. जांच रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मौके पर पहुंचे सीओ सिटी संगम कुमार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को एलाउंस करते हुए कहा कि दोनों ओर से एफआईआर दर्ज किया जाएगा.



